Didi Chut Sex Kahani
मैं अपने सबसे करीबी दोस्त की बड़ी बहन रागिनी दीदी को पिछले दस-ग्यारह साल से अपनी सगी दीदी मानता आया था। दीदी की शादी को सात साल हो चुके थे, दो बच्चे थे, फिर भी जिस्म ऐसा कि कॉलेज की लड़कियाँ भी जलें। पतली कमर, भरी हुई चूचियाँ, गोरा रंग और लंबे काले बाल। जब भी मिलतीं, गले लगा लेतीं और कान में फुसफुसातीं, “मेरा सबसे प्यारा भाई।” उस दिन दोपहर में फोन आया। Didi Chut Sex Kahani
दीदी की आवाज़ में कुछ अलग सी बेचैनी थी। “कहाँ हो तुम? इतने दिनों से गायब हो। आज आ रहे हो ना?”
मैंने हँसकर कहा, “दीदी, बस निकल रहा हूँ।”
वो बोलीं, “अच्छा सुनो, रसगुल्ले जरूर लाना, बहुत मन कर रहा है।”
मैंने तुरंत कहा, “आपके बोलने से पहले ही ले चुका हूँ, सबसे अच्छे भाई जो ठहरे।”
दीदी हँस पड़ीं, “हाँ यही बात तो है, जल्दी आओ, छोटू को भेज रही हूँ लेने।”
मार्केट से सबसे ताज़े, रसीले रसगुल्ले लिए और छोटू के साथ बाइक पर बैठकर घर पहुँचा। गेट खुलते ही दोनों भांजे दौड़कर गले लग गए, “मामा! मामा!” मैंने उन्हें गोद में उठाया, जेब से चॉकलेट्स निकालकर दीं तो वो खुशी से उछल पड़े। अंदर दीदी तैयार बैठी थीं।
गुलाबी सलवार-कमीज, दुपट्टा हल्के से कंधे पर लटक रहा था, होंठों पर हल्की गुलाबी लिप्स्टिक, आँखों में काजल। मुझे देखते ही मुस्कुराईं और गले लगा लिया। उनकी गर्म साँसें मेरे कान को छू रही थीं। मैंने नमस्ते किया तो वो बोलीं, “आ गया मेरा राजा।”
मम्मी-पापा ऑफिस गए थे, दोस्त क्रिकेट टूर्नामेंट में बाहर था, शाम सात-साढ़े सात बजे तक आने वाला नहीं था। घर में सिर्फ दीदी, बच्चे और छोटू। मैंने अपना बैग दोस्त के कमरे में रखा और दीदी के पास सोफे पर बैठ गया। दीदी ने रसगुल्लों का डब्बा खोला, प्लेट में निकालकर मेरे सामने रख दिया और जिद करने लगीं, “खाओ ना।”
मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : कुंवारे देवर का लम्बा लंड देख भाभी चुदासी हो गई
मैंने एक रसगुल्ला उठाया, आधा हिस्सा दीदी के मुँह में डाला, बाकी खुद खा लिया। दीदी ने जैसे ही काटा, चासनी उनके सूट पर गिर गई। हम दोनों हँस पड़े। दीदी बोलीं, “अरे यार, अब तो जाना पड़ेगा चेंज करने।” वो अंदर चली गईं और कुछ देर बाद साधारण कुर्ती-पजामी में वापस आईं।
शाम को मम्मी-पापा आए, सबने साथ खाना खाया, बच्चों को सुलाया गया। दिसंबर की ठंड जोरों पर थी। मैं दोस्त के कमरे में कंबल ओढ़कर लेटा ही था कि दरवाज़ा हल्के से खुला। दीदी वही रसगुल्लों का डब्बा लिए अंदर आईं। अब वो ग्रे कलर के नाइट सूट में थीं – ऊपर ढीला सा स्वेटर, नीचे लोअर, बाल खुल्ले हुए। कमरे की हल्की लाइट में उनका चेहरा और भी सुंदर लग रहा था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
“खाना खाने के बाद मीठा तो बनता है ना?” दीदी ने धीरे से कहा और बिस्तर पर मेरे बगल में बैठ गईं।
मैंने हँसकर कहा, “दीदी आप भी ना, अभी तो खा चुके।”
वो बोलीं, “अरे चुप, मुँह खोलो, मैं अपने हाथ से खिलाती हूँ।”
मैंने कहा, “पहले अपने पैर कंबल में डाल लो, ठंड लग जाएगी।”
दीदी मुस्कुराईं और कंबल के अंदर पैर डालकर मेरे बगल में बैठ गईं। अब हम दोनों कंबल के अंदर थे, सिर्फ ऊपर का हिस्सा बाहर। रसगुल्ला खिलाते वक्त मैंने फिर मजाक किया, “सुबह चासनी आप पर गिरी थी, अब मेरे ऊपर न गिर जाए।”
दीदी ने शरारती अंदाज में कहा, “तो क्या हो जाएगा?”
मैंने बोला, “बिस्तर गंदा हो जाएगा, सुबह कोई देख लेगा तो गलत समझेगा।”
दीदी हँस पड़ीं, “चलो एक काम करते हैं, तुम लेट जाओ, मैं ऊपर से डालूँगी।”
चुदाई की गरम देसी कहानी : मौसेरी बहन के बड़े मम्मो को मस्ती में दबाया
मैं लेट गया। दीदी मेरे सीने के ऊपर झुककर रसगुल्ले खिलाने लगीं। उनके बाल मेरे गाल पर गिर रहे थे, खुशबू नाक में चढ़ रही थी। एक रसगुल्ला खाते वक्त मेरे होंठ पर चासनी लग गई, दीदी ने अंगूठे से पोंछा और बिना सोचे अपने मुँह में चाट लिया। मैं एकदम सन्न रह गया। दीदी ने जैसे कुछ हुआ ही न हो, अगला रसगुल्ला खिलाया।
फिर मैंने भी उन्हें खिलाया। दीदी के पैर बहुत ठंडे थे। मैंने कहा, “दीदी पैर बहुत ठंडे हैं, मेरे पैरों से सटा लो।” दीदी ने पहले मेरी तरफ देखा, फिर मुस्कुराकर पैर सटा दिए। पहले हल्के से, फिर धीरे-धीरे रगड़ने लगीं। मैंने भी अपनी उँगलियों से उनकी उँगलियों को छेड़ना शुरू कर दिया।
पैरों की ये मस्ती धीरे-धीरे बढ़ती गई। मैंने उनका पैर फंसा लिया, दीदी को हल्का सा दर्द हुआ तो वो छुड़ाने लगीं। मैंने नहीं छोड़ा तो दीदी हँसते-हँसते मेरे ऊपर चढ़ गईं और मुक्का मारने का नाटक करने लगीं। मैंने उनके दोनों हाथ पकड़ लिए। वो थककर मेरे ऊपर ही ढेर हो गईं।
अब दीदी का पूरा गर्म बदन मेरे ऊपर था। उनकी साँसें मेरे गाल पर लग रही थीं, चूचियाँ मेरे सीने से दब रही थीं। कुछ ही पल में मेरा लण्ड पत्थर जैसा खड़ा हो गया। मैंने घुटने ऊपर किए ताकि पता न चले, पर दीदी को फौरन समझ आ गया। वो चुपचाप मेरे ऊपर से हटीं और बगल में लेट गईं। कमरे में खामोशी थी, सिर्फ हमारी साँसों की आवाज़।
मुझे शर्म से मर जाने की इच्छा हो रही थी, मैंने सिर कंबल के अंदर छुपा लिया। थोड़ी देर बाद दीदी ने भी सिर अंदर किया और धीरे से बोलीं, “क्या हुआ, मुँह क्यों छुपाया?” मैं कुछ बोल नहीं पाया। दीदी ने मेरी आँखों में देखा और अचानक मुझे बाँहों में भर लिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उनका गाल मेरे गाल से रगड़ रहा था। मैंने हिम्मत करके उनके गाल पर हल्का सा किस कर दिया। बस फिर क्या था। दीदी ने मुझे कसकर जकड़ लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। पहले हल्का सा, फिर जीभ अंदर डालकर चूसने लगीं। मैंने भी जवाब दिया।
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : पड़ोसन ने गांड फाड़ चुदाई करवाई किराने वाले से
हम दोनों एक-दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे। दीदी की साँसें तेज़ हो गईं, “आह्ह… मेरा राजा… कितने दिन से तड़प रही थी तेरे लिए…” मैंने दीदी को अपने ऊपर खींच लिया, दोनों पैर उनकी कमर में लपेट दिए, खड़ा लण्ड उनकी लोअर पर रगड़ने लगा। दीदी की आहें निकलने लगीं, “आह्ह… भाई… कितना मोटा हो गया है तेरा…”
हमारी साँसें फूलने लगीं तो दीदी रुकीं और बगल में लेट गईं। मैंने उनकी आँखों में देखा, उनमें सिर्फ चाहत भरी हुई थी। दीदी उठीं, लाइट बंद की और वापस आकर मेरे बगल में लेट गईं। उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा, अपने गाल पर फिराया, फिर गले पर, फिर स्वेटर के अंदर डालकर सीधे चूचियों पर रख दिया।
मैंने पहली बार दीदी की चूचियाँ दबाईं – इतनी सॉफ्ट, इतनी भरी हुई, निप्पल पत्थर जैसे खड़े। दीदी ने मेरे कान में फुसफुसाया, “दबा ना… जोर से… तेरी दीदी की चूचियाँ हैं ये…” मैंने स्वेटर ऊपर किया, दीदी ने खुद उतार दिया। ब्रा नहीं थी। मैंने दोनों चूचियाँ मुँह में लेकर चूसने लगा।
दीदी की सिसकियाँ शुरू हो गईं, “आह्ह… चूस… और जोर से… ह्ह्ह… मेरा भाई… आज अपनी दीदी को पूरा पी ले…” मैंने एक निप्पल दाँतों से काटा तो दीदी की कमर ऊपर उठ गई, “आअह्ह्ह… मार गई…” फिर मैं नीचे आया, पेट चूमते हुए लोअर के नाड़े तक पहुँचा। “Didi Chut Sex Kahani”
नाड़ा नहीं खुला तो दीदी ने खुद खोल दिया और मुझे ऊपर खींचकर फिर से चूमने लगीं। चूमते हुए दीदी ने अपने पैर से मेरा लोअर नीचे खींच दिया। अब सिर्फ अंडरवियर बाकी था। दीदी ने मेरा अंडरवियर उतारा, मेरा सात इंच का मोटा लण्ड बाहर आ गया। दीदी ने उसे देखकर आँखें फाड़ लीं, “अरे बाप रे… ये तो जीजा से भी मोटा है…”
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : विधवा चाची को पड़ोसी ने पटा लिया था
मैंने भी उनकी पैंटी नीचे खींची। चूत पर हल्के बाल, पूरी गीली। मैंने दो उँगलियाँ अंदर डालीं तो दीदी की चीख निकल गई, “आह्ह्ह… धीरे… सात साल बाद कोई छू रहा है…” मैंने उँगलियाँ तेज़ कीं, दीदी की कमर हिलने लगी, “आह्ह… और तेज़… भाई… अपनी दीदी की चूत फाड़ दे…”
मैंने झुककर चूत चाटनी शुरू की। जीभ अंदर-बाहर, दीदी पागल हो गईं, “आअह्ह्ह… चाट… पूरा रस पी ले… ह्ह्ह… आज तेरी दीदी तेरी रंडी बन गई है…” दीदी ने मुझे ऊपर खींचा, “अब नहीं सहा जाता… डाल दे अपना लण्ड…” मैं उनके ऊपर चढ़ गया। दीदी ने मेरा लण्ड पकड़ा, चूत पर रखा।
मैंने हल्का धक्का मारा तो सुपारा अंदर चला गया। दीदी की चूत इतनी टाइट थी कि लगा पहली बार कोई डाल रहा हो। दीदी चिल्लाईं, “आह्ह्ह… धीरे… मर जाऊँगी…” मैं रुक गया। दीदी ने खुद कमर ऊपर की और पूरा लण्ड अंदर ले लिया, “आअह्ह्ह… पूरा आ गया… अब चोद अपनी दीदी को…”
मैंने धीरे-धीरे शुरू किया। हर धक्के के साथ दीदी की सिसकियाँ बढ़ती गईं, “आह्ह… आह्ह… और जोर से… आज तेरी दीदी की चूत का भोसड़ा बना दे…” मैंने स्पीड बढ़ा दी। दीदी ने पैर मेरी कमर पर लपेट लिए और मुझे खींचने लगीं। कमरे में थप्प-थप्प की आवाज़ गूँजने लगी। “Didi Chut Sex Kahani”
मैंने उनकी टांगें कंधों पर रखीं और पूरी ताकत से ठोकने लगा। दीदी की चूचियाँ उछल रही थीं, “आह्ह्ह… हाँ… ऐसे ही… चोद… अपनी दीदी को रोज़ चोदा कर…” फिर मैंने दीदी को घोड़ी बनाया। पीछे से लण्ड डाला तो दीदी की चीख निकल गई, “आअह्ह्ह… मर गई… बहुत अंदर जा रहा है…”
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : कार में भाभी वासना से गरम हो गई
मैंने बाल पकड़े और खूब चोदा। थप्प… थप्प… थप्प… दीदी की गांड लाल हो गई। दीदी चिल्ला रही थीं, “हाँ… ऐसे ही… अपनी दीदी को कुत्ता बना… आह्ह्ह…” आखिर में दीदी बोलीं, “ऊपर आ… मैं भी चलाऊँ…” मैं लेट गया। दीदी मेरे ऊपर चढ़ीं और लण्ड चूत में लेकर उछलने लगीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
चूचियाँ मेरे मुँह पर लटक रही थीं। मैंने चूसना शुरू किया। दीदी की स्पीड बढ़ी, “आह्ह… आ रहा है… भाई… तेरी दीदी झड़ने वाली है…” मैंने भी कमर ऊपर उठानी शुरू की। दस-पंद्रह जोरदार ठोके और दीदी की चूत ने मेरा लण्ड कसकर पकड़ लिया। दीदी झड़ गईं, “आअह्ह्ह्ह… मर गई… ह्ह्ह्ह…” मैंने भी उनकी चूत में पूरा माल छोड़ दिया।
हम दोनों नंगे चिपककर लेटे रहे। दीदी मेरे सीने पर सिर रखकर सहला रही थीं, “मेरा भाई… आज तूने अपनी दीदी को स्वर्ग दिखा दिया…” रात भर तीन बार और चुदाई हुई। एक बार 69 में, दीदी ने मेरा लण्ड मुँह में लिया, ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… की आवाजें करते हुए चूसा, मैंने उनकी चूत चाटी। फिर साइड से चुदाई, फिर सुबह उठते ही दीदी ने रसगुल्ला चूत में डालकर खिलाया और फिर चुदवाया। सुबह मम्मी-पापा आने से पहले दीदी ने मुझे गले लगाया, “अब हर हफ्ते आया कर… तेरी दीदी की चूत तुझसे ही भरेगी…”
Ajay says
Chandigarh Delhi .pb . Himachal say koi women injoy karna chahte ho connect kare baat silent Rakhi jayege couple mmf 7807210584