Mom Son Incest Story
मेरा नाम स्वाति है और मेरी उम्र 42 साल है और मेरा रंग एकदम गोरा है। मेरी फिगर और पर्सनालिटी को देखकर कोई मुझे ये नहीं कह सकता कि मेरी उम्र 42 साल है बल्कि सबको मेरी उम्र 28-30 लगती है। मेरी फिगर पर भी काफी लोग मरते हैं क्योंकि मेरी फिगर 38-32-34 है। Mom Son Incest Story
दोस्तों, मेरी शादी हो रखी है और मेरे दो बड़े-बड़े लड़के हैं और मैं अपने पति और बच्चों के साथ लुधियाना में रहती हूँ। मेरे पति का नाम विजय है और मैं प्यार से उन्हें (लड्डू) बुलाती हूँ। मेरे दो बच्चे हैं जो एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं। मेरे बड़े लड़के का नाम अमित और छोटे लड़के का नाम अजित है और अमित अजित से सिर्फ 3 मिनट ही बड़ा है।
दोस्तों, मैंने अपनी फैमिली के बारे में तो बता दिया अब मैं आपको अपने और अपने पति के बारे में बताती हूँ। सबसे पहले तो ये कि मैं एक हिंदी टीचर हूँ और स्कूल में पढ़ाती हूँ। मेरे लड्डू यानी मेरे पति का खुद का बिजनेस है और उनका इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का बिजनेस है जिसकी वजह से उन्हें घर से 2 या 3 महीने बाहर ही रहना पड़ता है।
मेरे पति मुझसे बहुत प्यार करते हैं और मैं उनसे भी बे-इंतहा मोहब्बत करती हूँ। जब भी मेरे पति फ्री होते हैं यानी अपने बिजनेस को छोड़कर कुछ दिन घरवालों के लिए निकालते हैं तो हम सब कहीं बाहर घूमने भी जाते हैं। पता है घूमने से मुझे अपने पहले हनीमून की याद आ जाती है क्योंकि मैं जब अपने पहले हनीमून पर आई थी तब हमने खूब एंजॉयमेंट की थी और एक-दूसरे को खूब भी किया था।
अब आप सोच रहे होंगे कि पहला हनीमून, हाँजी मेरा शादी के बाद वो पहला हनीमून था और फिर मैं अपने पति के साथ दूसरी बार हनीमून पर भी गई थी और उसके आने पर ही मुझे माँ बनने की खुशखबरी मिल गई थी और पूरे 9 महीने बाद मैंने दो लड़कों को जन्म दिया था जो कि अब आपके सामने हैं जिनका नाम अमित और अजित है।
मेरे पति अक्सर जब भी आते हैं तो मुझे खूब प्यार करते हैं और जितने भी दिन आते हैं तो मैं और बच्चे उनके लिए बहुत खुश होते हैं। बच्चे तो इसलिए खुश होते हैं क्योंकि उनके आने पर हम हमेशा घूमने जाते हैं और मेरी खुशी तो उनसे चुदने की होती है और मेरे पति मुझे बहुत अच्छी तरह से संतुष्ट करते हैं और मैं अपने पति और बच्चों के साथ बहुत ज्यादा खुश हूँ।
ये बात आज से एक साल पुरानी है जब मेरे पति को बिजनेस के काम के लिए मुंबई जाना था और आप ये तो पहले से ही जानते हो कि मेरे पति घर पर 2 या 3 दिन के लिए ही आते थे और तब भी मेरे लड्डू घर पर आ रखे थे मुंबई जाने से 2 दिन पहले। मैं बहुत खुश थी कि मेरी चुदाई आज फिर से होगी और मैं उनका लंड अपने मुँह में डालकर चूसूँगी।
वैसे मुझे लंड को चूसने में बहुत मजा आता था और जब भी मेरे पति घर पर होते थे मैं दिन में भी बच्चों के न होने पर उनके लंड को पैंट के ऊपर से ही पकड़ लेती थी। बात उस दिन की है जब मेरे पति घर पर ही थे और रात का खाना खाने के बाद मैं अपने पति से प्यार पाने और उन्हें प्यार करने के लिए एक शॉर्ट पिंक नाइटी पहनकर, पिंक लिपस्टिक लगा कर अपने पति के लिए तैयार हो गई और अपना कमरा भी पूरा फूलों से सजा दिया और अपने पति का बे-सब्री से इंतजार करने लग गई।
फिर जब रात को मेरे पति कमरे में आए तो मैंने उनके हाथ को चूमकर उनका स्वागत किया और म्यूजिक लगाकर उनके साथ थोड़ा डांस भी किया। दोस्तों मुझे डांस करना बहुत पसंद है और मेरे पति को डांस करवाना बहुत पसंद है। पति के साथ डांस किया और उनके साथ बेड पर उनकी गोद में बैठकर उनसे प्यार करने लग गई।
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मेरे पति ने मेरे कपड़े उतार दिए और मैंने उनके कपड़े उतार दिए और हम एक-दूसरे के होंठों में होंठ डालकर चूसने लग गए और वो मेरे बड़े-बड़े बूब्स को हाथ में लेकर दबाने लग गए और मैं उनके लंड को हाथ में लेकर ऊपर-नीचे करने लग गई।
अब मैंने उनके लंड को मुँह में लिया और चूसने लग गई और मेरे पति मेरी चूत को जीभ से चाट-चाटकर मेरा पानी निकालने में लग गए। हम दोनों एक-दूसरे से प्यार कर ही रहे थे कि मेरे पति का फोन रिंग किया तो उन्होंने देखकर फोन उठा लिया। फोन उनके मैनेजर का था और उसने ये कहने के लिए फोन किया था कि मेरे पति विजय को अभी मुंबई के लिए निकलना पड़ेगा और अगर नहीं गए तो 30 लाख का नुकसान हो जाएगा।
ये सुनते ही मेरे पति मुझ पर से उठकर तैयार होने लग गए और मुझे ऐसे ही तड़पता छोड़कर चले गए। आज से पहले ये कभी नहीं हुआ था और मैं ये उम्मीद भी नहीं कर पा रही थी कि मेरे पति भी ऐसा कुछ कर सकते हैं। उस रात मैं ऐसे ही तड़पती रही और अपने पति के प्यार को याद कर रोती रही और ना जाने उस रात नींद ने भी साथ नहीं दिया।
फिर जब सुबह हुई तो मुझे लगा कि शायद मेरे पति कुछ ही दिनों में वापस आ जाएँगे क्योंकि वो पहले ही 3 महीने बाद आए थे और मैं उनके लिए बहुत तड़प रही थी और मेरी चूत तो उनके लंड के लिए जान दे रही थी। मैं उनका इंतजार कर ही रही थी कि उनका फोन आया तो मुझे लगा कि घर वापस आने के बारे में होगा पर यहाँ तो मुझे बुरा ही सुनने को मिल गया।
उन्होंने बताया कि मुझे काम के सिलसिले में लंदन जाना पड़ सकता है इसलिए अब मैं 3 महीने तक ही घर वापस आऊँगा। ये सुनकर तो मैं जैसे मर ही गई क्योंकि मैं पहले ही उनकी याद में तड़प रही थी और अब मुझे और 3 महीने उनके बिना गुजारने थे।
मेरी हर रात बिना सोए उनकी ही याद में निकल जाती और मेरे बच्चे भी सुबह 6 बजे जिम के लिए चले जाते और मैं उनके पीछे से उनके लिए ब्रेकफास्ट बनाती और फिर उनके 7 बजे आने पर उन्हें ब्रेकफास्ट करवाकर 8 बजे अपने स्कूल के लिए निकल जाती और बच्चे भी कॉलेज के लिए निकल पड़ते और फिर वापस मैं 2 बजे करीब आती और बच्चे 3 बजे आते।
बाहर से आकर हम अपने-अपने रूम में रेस्ट करते और शाम को उठकर वॉक पर जाते और फिर रात का डिनर एक साथ करके टी.वी देखने बैठ जाते। जिसको जितनी देर टीवी देखने का मन होता वो उतनी देर देखता और फिर अपने कमरे में जाकर सो जाता। हमारी डेली की यही रूटीन थी और मेरे लिए तो रातें काटना बहुत मुश्किल हो रहा था।
ऐसे ही 4 दिन निकल गए और मैं डेली रात को पति की याद में तड़पती हुई सो जाती थी। कभी तो मेरा मन करता था कि किसी और से चुद जाऊँ और वैसे भी मेरे ऊपर तो काफी लोग फिदा थे पर मैं ये सब करने से डरती थी। मेरे दिन ऐसे ही बच्चों साथ निकल जा रहे थे और ऐसे ही पति की तड़प में रातें भी गुजर जा रही थी।
मेरा मन बहुत बेचैन था और सारा दिन ऐसे ही निकल जा रहा था। मेरे दोनों बेटों का अलग-अलग बेडरूम था जो कि मेरे कमरे से अटैच स्टडी रूम के साथ लगता था और उन दोनों के रूम के बीच में एक वॉशरूम था जो कि दोनों के कमरों से अटैच था। हम जब रात का खाना कर अपने रूम में सोने के लिए आते तो सब अपने-अपने कमरे में ही सोते।
मैं भी सुबह जल्दी उठने के चक्कर में डेली 10 बजे तक सो जाती थी और कभी-कभी बच्चों के न होने पर कम्प्यूटर पर बैठकर चैटिंग कर लिया करती थी जो कि मेरी एक फ्रेंड ने मुझे सिखाया था। ऐसे ही पति की तड़प में 10-12 दिन निकल चुके थे। फिर एक दिन मैंने रात का खाना खाया और मुझे बहुत तेज नींद आने लग गई. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तो मैंने उस दिन बिना टीवी देखे अपने रूम में जाकर सो गई और मैं हमेशा सोते वक्त अपने रूम में पानी का ग्लास रखती हूँ जो कि शायद उस दिन नींद की वजह से रखना भूल गई। मैं जैसे ही कमरे में जाकर लेटी मेरी आँख लग गई और फिर रात के 1:30 बजे करीब मेरी आँख खुली और मुझे उस समय ऐसा लगा कि कोई आवाज आई है पर उस टाइम कमरे में मेरे इलावा कोई भी नहीं था।
मैं बेड से उठी और वॉशरूम में जाकर फ्रेश हुई और बाहर आकर पानी देखा तो वहाँ पानी नहीं पड़ा था इसलिए मैं अब किचन में जाकर पानी पीने लग गई और फिर जब मैं अपने रूम की तरफ आ रही थी तो मैं स्टडी रूम के पास आकर डर गई और वही रुक गई क्योंकि स्टडी रूम की लाइट ऑन थी जो कि मैंने खुद बंद की थी।
अब मैं स्टडी रूम के थोड़ा पास गई तो मुझे अंदर से आह्ह्ह आह्ह्ह की आवाजें सुनाई देने लग गई जिसको सुनकर मैं हैरान हो गई और फिर मैंने दरवाजा को खोलना चाहा पर उस टाइम मेरे दिमाग ने पता नहीं क्या खेल खेला, ना ही मैंने डोर खोला और ना ही नॉक किया बल्कि होल में से अंदर देखने लग गई।
मैंने जब अंदर देखा तो मैं हैरान रह गई क्योंकि सामने कम्प्यूटर पर सेक्सी वीडियो चल रही थी और मेरे दोनों बेटे अपने लोअर को नीचे कर अपने हाथों में अपना लंड पकड़कर ऊपर-नीचे कर रहे थे। और तभी मेरे छोटे बेटे अजित ने अमित को कहा कि ‘भाई तू ये वीडियो कहाँ से लाया है बहुत ही मजेदार है’।
मैं उनकी ये सब बातें सुन रही थी और उनके लंड को देखकर तो मैं हैरान ही रह गई क्योंकि उनके लंड कम से कम 9 इंच लंबे और 4 इंच मोटे थे। मैं उनके लंडों की तरफ देख ही रही थी और सोच रही थी कि अब मेरे बेटे जवान हो गए हैं कि तभी उनके लंड ने पानी की पिचकारी निकाल दी और दोनों अब कम्प्यूटर बंद करके अपने कमरे में चले गए।
पर मैं उनसे पहले कमरे में आ गई और लेटकर सोचने लग गई कि जब भी मेरे पति विजय आएँगे, उनसे बच्चों की शादी की बात कर उनकी शादी करवाऊँगी और यही सोचती हुई सो गई। फिर अगले दिन जब मैं उठी तो मेरे बच्चे जिम के लिए जा चुके थे और मैंने उनके आने से पहले ब्रेकफास्ट बनाकर और काम करने लग गई.
और फिर जब वो आए तो उन्हें ब्रेकफास्ट देकर स्कूल के लिए चली गई और फिर जब मैं रात के समय खाना बनाकर जल्दी सो गई और आज मैं सिर्फ जल्दी सोने का नाटक कर रही थी और रात को 12:30 बजे उठकर स्टडी रूम में जाकर देखा तो लाइट ऑन थी और फिर मैंने होल में से देखा तो वो अभी कम्प्यूटर ऑन ही कर रहे थे।
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तभी अमित बोला – अजित तू देखकर तो आया है ना कि मम्मी सो रही हैं।
अजित- हाँ हाँ अच्छे से देखकर आया हूँ।
अब वो दोनों बैठकर मूवी देखने लग गए और अपने लंडों को बाहर निकालकर फिर से ऊपर-नीचे करने लग गए। मैं ये सब देखती रही और एक बार तो मन में आया कि अंदर जाकर एक-एक थप्पड़ लगा दूँ पर मैंने ऐसा नहीं किया और उनके तने हुए लंडों को देखती रही और फिर उन्होंने मेरी आँखों के सामने ही अपना पानी निकाल दिया और कम्प्यूटर बंद करके अपने कमरे में सोने के लिए चले गए।
आज भी मैं उनसे पहले कमरे में आ गई। फिर अगली दो रात स्टडी रूम की लाइट ऑफ ही रही और फिर तीसरे दिन वही हुआ जो कि पहले दो दिन हुआ था और मैं फिर ये सब देखकर सो गई। सुबह बच्चों ने मुझसे कहा कि मम्मी हम आज बाहर घूमने जा रहे हैं. “Mom Son Incest Story”
तो मैंने भी उन्हें नहीं रोका और स्कूल से जल्दी आकर कम्प्यूटर पर बैठकर चैटिंग करने लग गई। ये सब करते वक्त मेरी बात एक रमेश नाम के लड़के से हुई जो कि मुंबई का था 28-29 साल का था। हमारी बातें चलती रही और मैंने उससे अपनी लाइफ के बारे में बताया और उसने मुझे अपनी लाइफ के बारे में बताया।
मेरे बारे सुनकर वो थोड़ा सैड हो गया और बोला – आप तो बोर हो जाती होगी।
मैं – हाँ हो तो जाती हूँ पर करूँ भी तो क्या करूँ।
मेरी ये सब बातें सुनकर उसने मुझे एक साइट बताई जिसके बारे में मैंने उससे पूछा तो वो कहने लग गया कि जब आप ओपन करोगी तो आपको सब समझ आ जाएगा। और ये सब कहकर वो साइन आउट हो गया और मैं भी उसके साइन आउट होने के बाद उस लिंक पर क्लिक किया और जो भी मैंने देखा वो सब देखकर मैं हैरान रह गई और मेरी आँखें तो फटी की फटी रह गई।
मैंने उस पर माँ-बेटे, बाप-बेटी, भाई-बहन की चुदाई के बारे में देखा जिसमें से मैंने माँ-बेटे की कहानी को ओपन कर पढ़ना शुरू कर दिया। मेरा मन ये सब करने को नहीं मान रहा था पर फिर भी मैं कहानी पढ़ी जा रही थी और फिर जब पढ़ ली तो मैंने कम्प्यूटर बंद कर दिया और वहाँ से उठ गई और मेरे मन में ये ही चल रहा था कि दुनिया में ऐसा कुछ भी हो सकता है।
फिर ऐसे ही रात का खाना बनाने लग गई और तब मैंने देखा कि अमित और अजित भी आ गए थे और हमने एक साथ बैठकर खाना खाया और मैं अब अपने रूम में जाकर लेट गई पर मेरी आँखों में तो नींद दूर-दूर तक नहीं थी। ऐसे ही 12 बज गए और फिर 1 तो मैं उठी और स्टडी रूम के पास जाकर देखा तो आज लाइट बंद थी पर मेरा मन वो स्टोरी पढ़ने को कर रहा था पर फिर भी मैं अपने कमरे में आकर सो गई और सुबह जब उठी तो बच्चे जिम जा चुके थे। “Mom Son Incest Story”
ऐसे ही अगला दिन भी निकल गया और रात को फिर से खाना खाकर 9 बजे अपने रूम में आ गई पर आज फिर मेरी आँखों में नींद नहीं थी और फिर करीब 12 बजे उठकर मैं स्टडी रूम की तरफ गई तो देखा कि लाइट ऑन थी और मैंने तभी होल में से अंदर देखना शुरू कर दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
आज बच्चे फिर से लंड को पकड़कर ऊपर-नीचे कर रहे थे पर मुझे आज ये सब देखकर उन पर गुस्सा नहीं बल्कि प्यार आ रहा था और इधर मेरे शरीर में भी करंट दौड़ने लग गया था और मेरा हाथ चुपके से चूत पर जाकर चूत को रगड़ने लग गया था।
अब अजित और अमित अपना निकालकर फ्री हो गए थे और मैं भी वहाँ से सीधा अपने वॉशरूम में गई और अपनी नाइटी ऊपर कर अपनी चूत में जोर-जोर से उंगली ऊपर-नीचे करने लग गई और करीब 5 मिनट बाद मेरी चूत ने पानी निकाल दिया और मैं बेड पर आ गई।
मैं अपने बेड पर लेट गई पर मुझे नींद नहीं आ रही थी और मेरी आँखों के सामने मेरे बच्चों के बड़े-बड़े लंड दिखाई दे रहे थे और जिनको देखकर मैं तड़प रही थी। मैं जब भी आँखें बंद करती तो मेरी आँखों के सामने मेरे बच्चों के बड़े-बड़े लंड दिखते और फिर मुझे ऐसा लगने लग गया कि जैसे वो कह रहे हो ‘आयी मम्मी हम आपकी प्यास बुझाते हैं और आप हमारी बुझा दो’।
ये सब सोचते-सोचते मेरी आँखें खुल गई और सारी रात ऐसे ही तड़प में निकल गई और सुबह जब उठी तो बच्चे जिम जा चुके थे और मैंने फिर से उनके लिए खाना बनाया और उन्हें ब्रेकफास्ट देकर स्कूल चली गई पर वहाँ पर भी मेरा मन नहीं लगा और घर जल्दी आ गई। “Mom Son Incest Story”
फिर जब बच्चे आए तो उन्हें देखकर मेरा मन और खराब हो गया और मेरी समझ में कुछ नहीं आने लगा और फिर हार के रात के 9 बजे और हमने एक साथ बैठकर खाना खाया और उसके बाद मैं अपने कमरे में आकर लेट गई। पर वो रात भी मुझे नींद नहीं आ रही थी और फिर रात को 12 बजे उठकर देखा तो आज बच्चे सो रहे थे।
मेरा मन उनके साथ वही वीडियो देखने का कर रहा था और फिर मैं अपने रूम में आ गई और सोचने लग गई कि जो मैंने कहानी पढ़ी थी क्या सच में वैसा हो सकता है। क्या मैं अपने ही बच्चों से अपनी प्यास बुझवा सकती हूँ और यही सोचते-सोचते मेरी आँख लग गई और मैंने सुबह स्कूल ना जाने का फैसला लिया।
स्कूल में ये बहाना मारकर छुट्टी ली कि आज मेरी तबीयत ठीक नहीं है और बच्चों के कॉलेज जाने के बाद मैं कम्प्यूटर पर बैठकर बाकी सारी कहानियाँ पढ़ने लग गई ताकि मैं अगर अपने बच्चों से खुद को चुदवाऊँ तो उन्हें कैसे पटाया जाए।
और ये सब कहानियाँ पढ़कर मैंने रमेश से बात भी करनी चाही पर वो ऑफलाइन था इसलिए मैंने उससे थैंक्स कह दिया और 1 बजे करीब कम्प्यूटर को बंद करके मैंने अपने बच्चों से चुदने की प्लानिंग कर ली थी। और जब वो कॉलेज से आए तो मैं पूरी तरह से रेडी हो गई थी।
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आज मैंने लो कट वाली नाइटी पहनी थी जो कि मैं सिर्फ अपने पति के सामने ही पहनती थी क्योंकि उसमें से मेरी ब्रा और पैंटी नजर आते थे। दोपहर को मेरे बच्चे आकर सो गए और फिर जब रात को मैंने खाना बनाकर बाहर डाइनिंग टेबल पर रख दिया तो उसके बाद बच्चों को आवाज लगाई और फिर बच्चे बाहर आकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गए।
आज मैं अपने बच्चों के सामने पहली बार ऐसे आने वाली थी क्योंकि आज से पहले मैंने उनके सामने ये कभी नहीं डाला था। मैं जब बच्चों के सामने गई तो देखा कि बच्चों ने मुझे जैसे ही देखा तो उनकी आँख में एक अलग ही चमक थी और दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे। मैंने उन्हें थोड़ा झुककर खाना परोसा तो मेरी ब्रा और उसमें छिपे बूब्स दिख रहे थे जिसको मेरे बच्चे देख रहे थे। “Mom Son Incest Story”
अब हमने एक साथ बैठकर खाना खाया और फिर मैं आज अपने बच्चों के सामने सोफे पर बैठ गई ताकि उनकी नजर मेरे ऊपर ही टिकी रहे। मैंने देखा कि बच्चे मुझे चोरी आँखों से देख रहे थे और जब भी वो मुझे देखते मैं कभी अपने बूब्स पर हाथ फेरती तो कभी उन्हें ऊपर करने लग जाती।
मैं ये जानकर बहुत खुश थी कि मेरा पहला तीर सीधा निशाने पर लगा था और फिर रात के 10 बजे अपने कमरे में आकर सो गई और फिर 12 बजे उठी तो देखा आज बच्चे सो रहे थे। यही सब 2-3 दिन चलता रहा और लास्ट थ्री डेज बच्चे भी स्टडी रूम में नहीं आए थे।
मुझे तब लगा कि मैंने जो भी किया शायद उसका उन पर कोई असर नहीं हुआ और फिर मैंने अगली रात बच्चों को खाना देकर उनके सामने बैठ गई और अपने बूब्स को ऐसे छेड़ने लग गई जैसे कि खुजली हो रही हो और ये सब बच्चे देख रहे थे और देख-देखकर अपने लंड को सहला रहे थे। मैंने ये सब देखा तो बहुत खुश हुई कि मेरा प्लान काम कर रहा है।
और जब भी मैं उनकी तरफ देखती तो वो मुझे देख अपना लंड ऊपर-नीचे करने लग जाते और फिर मैं 9 बजे आकर सो गई और फिर जब 12 बजे उठी तो देखा कि आज भी स्टडी रूम की लाइट बंद थी और फिर मैं अपने रूम में आकर सो गई और जब सुबह उठी तो सीधा बच्चों के कमरे में गई तो देखा बच्चे वहाँ नहीं थे, वो जिम जा चुके थे।
अब मैंने पीछे से अपने वॉशरूम की टैप को खराब कर दिया और उनके आने पर अमित के कमरे में ही दोनों को नाश्ता दे दिया और बोली – अमित क्या मैं यहीं नहा लूँ, मेरे वॉशरूम की टैप खराब हो गई है। “Mom Son Incest Story”
मैंने इतना कहा और अपने कमरे में से ब्रा, पैंटी और अपने और कपड़े लाकर वॉशरूम में चली गई। मैं ये सब जान-बूझकर कर रही थी क्योंकि मैं देखना चाहती थी कि जो प्लान मैंने बनाया है वो काम कर भी रहा था कि नहीं। और अगर वो काम नहीं किया तो मेरी सारी मेहनत बेकार हो जाएगी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अब मैंने होल में से देखा कि बच्चे फटाफट ब्रेकफास्ट खत्म करने में लग गए थे और अमित वॉशरूम की तरफ आ रहा था और अजित अपने कमरे में चला गया था। मैं समझ गई थी कि वो मुझे नंगी देखने आ रहे हैं और मैं फिर पीछे हो गई और जब दोनों ने की होल पर आँख लगाई.
तो मैंने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए और फिर उनके सामने अपने बूब्स और चूत दिखा-दिखाकर नहाने लग गई। मैं अपनी चूत को रगड़-रगड़कर मसल रही थी और फिर वो दोनों बाहर खड़े अपनी नंगी माँ को नहाते देख रहे थे और फिर मैं नहाकर कपड़े पहनने लग गई।
मैं जब बाहर आई तो देखा कि वो बैठे तो मैंने पूछा तो वो बोले – मम्मी हमने ब्रेकफास्ट कर लिया है।
अब मैं अपने कमरे में आकर खुश हुई क्योंकि मैं जीत गई थी और फिर रात होने पर खाना खिलाकर मैं अपने रूम में आकर सो गई और जब 12 बजे उठी तो देखा कि स्टडी रूम की लाइट ऑन थी और मैंने झट से अपनी आँखें उस पर लगा दी और अपने दोनों बच्चों के लंडों को देखने लग गई। उन्होंने अपने लंड को हाथों में ले रखा था और ऊपर-नीचे कर रहे थे। तभी मुझे उनकी बातें सुनाई पड़ी। “Mom Son Incest Story”
अजित – भाई एक बात कहूँ आप नाराज तो नहीं होंगे?
अमित – नहीं, आज तक कभी हुआ हूँ क्या, बोल क्या बात है।
अजित- माँ को देखो आजकल वो कुछ ज्यादा ही सेक्सी बनी जा रही है।
अमित – हाँ भाई, पर क्या करें हमारी मम्मी है ही इतनी सेक्सी। मेरा मन तो करता है कि ये वीडियो को छोड़कर आज हम अपनी माँ के नाम का मुठ मारते हैं।
अजित- हाँ भाई, ठीक है।
और फिर वो दोनों मेरे नाम का मुठ मारकर फ्री हो गए और ये देखकर मुझे भी बहुत खुशी हुई कि आज मेरे बच्चों ने मेरे नाम का मुठ मारा है और अब बस एक और इशारा देने पर वो अपने लंड भी मुझे दे देंगे। ये सब सोचती हुई मैं अपने कमरे में आ गई और लेटकर नए सपने संजोने लग गई।
अगले दिन मैं स्कूल से जल्दी घर लौट आई। घर पहुँचकर मैंने सबसे पहले अपने बाथरूम में जाकर अपनी चूत के बाल साफ किए। मैंने रेजर से धीरे-धीरे हर बाल को हटाया, अपनी चूत को एकदम चिकनी और मुलायम बना लिया, जैसे कोई जवान लड़की अपनी पहली चुदाई के लिए तैयार होती है।
मेरी चूत अब चमक रही थी, और मैंने आईने में देखा तो खुद पर फिदा हो गई। मेरे मन में पक्का इरादा था कि आज मैं किसी भी हाल में अपने दोनों बेटों से चुद ही लूँगी। मेरी चूत उनके 9 इंच के मोटे लंडों के लिए तरस रही थी, और मैं सोच रही थी कि आज वो मेरी चूत को फाड़कर रख देंगे।
मेरे दोनों बेटे उस दिन कॉलेज से जल्दी घर आ गए। मैं अपने कमरे में बेड पर लेटी थी, वही पिंक वाली लो-कट नाइटी पहने हुए, जो मेरे बड़े-बड़े बूब्स के क्लीवेज को साफ दिखाती थी और मेरी पैंटी की झलक भी देती थी। मेरी चूत पहले से ही गीली थी, और मैं लेटे-लेटे अपनी उँगली से उसे सहला रही थी।
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जब वो मेरे कमरे में आए और मुझे बेड पर लेटा देखा, तो चिंता से पूछा, “मम्मी, आप ठीक तो हैं ना?” उनकी आवाज में एक अजीब सी उत्सुकता थी, जैसे वो जानते हों कि क्या होने वाला है। मैंने हल्का सा कराहते हुए कहा, “हाँ बेटा, बस ठीक ही हूँ। लेकिन मेरी कमर और टाँगों में बहुत दर्द हो रहा है। “Mom Son Incest Story”
अमित बेटा, तुम मेरी कमर दबा दो, और अजित, तुम मेरी टाँगें दबा दो।” मैं जान-बूझकर ऐसी पोजिशन में लेटी थी कि मेरी नाइटी ऊपर सरक गई थी, और मेरी जाँघें दिख रही थीं। अमित बोला, “मम्मी, ठीक है, लेकिन हम दोनों अभी आते हैं, कपड़े चेंज करके।”
वो दोनों बाहर गए, और मैं उनके आने का इंतजार करने लगी। मैं बेड पर उल्टा लेट गई, ताकि मेरी गांड का उभार नाइटी में से साफ नजर आए। मेरी गांड गोल और भरी हुई है, और मैं जानती थी कि वो दोनों इसे देखकर गर्म हो जाएँगे। कुछ ही देर में वो लोअर और टी-शर्ट में वापस आए।
अमित ने मेरी कमर दबाना शुरू किया, उसकी उंगलियाँ मेरी कमर पर फिसल रही थीं, और अजित मेरी टाँगों को सहलाने लगा। जैसे ही उनके हाथों का स्पर्श मेरे जिस्म को मिला, मेरी चूत में अजीब सी खुजली शुरू हो गई। “आह्ह… उम्म…” मेरे मुँह से हल्की सी सिसकारी निकल गई। अमित की उंगलियाँ अब मेरी कमर से नीचे सरककर मेरे चूतड़ों पर आ गईं, और वो उन्हें हल्के-हल्के दबाने लगा। उसका हर दबाव मेरी चूत को और गीला कर रहा था।
अजित की उंगलियाँ मेरी टाँगों पर ऊपर-नीचे घूम रही थीं, और वो धीरे-धीरे मेरी जाँघों के अंदरूनी हिस्से को छूने लगा। मुझे सचमुच बहुत मजा आ रहा था, मेरी चूत से पानी रिसने लगा था। कुछ देर बाद अजित ने भी मेरे चूतड़ों पर हाथ रख दिया, और अब दोनों मेरे चूतड़ों को प्यार से दबा रहे थे। “Mom Son Incest Story”
उनकी उंगलियाँ मेरी गांड के बीच में फिसल रही थीं, और मैं अपनी गांड हल्की-हल्की उठाकर उन्हें इशारा दे रही थी। मैं कुछ नहीं बोली, बस उनके स्पर्श का मजा ले रही थी। तभी मैं एकदम सीधी होकर लेट गई। वो दोनों एकदम डर गए, जैसे पकड़े गए हों। मैं हँसते हुए बोली, “क्या हुआ, डर क्यों गए? मैं तो बस ये कहना चाहती थी कि जो तुम दोनों कर रहे हो, उसमें मुझे बहुत मजा आ रहा है।”
ये कहकर मैं उनके सामने सीधी लेट गई। अब वो मेरी टाँगों को सहलाने लगे, उनकी उंगलियाँ मेरी जाँघों पर ऊपर चढ़ रही थीं, और मेरी चूत के पास पहुँच रही थीं। अचानक अमित ने मेरे बूब्स पर अपना हाथ रख दिया, और हल्के से दबाया। मेरे जिस्म में करंट सा दौड़ गया। मैंने शरारत भरे लहजे में पूछा, “बेटा, क्या चाहिए?”
अमित और अजित एक साथ बोले, “मम्मी, हमें आपका दूध पीना है।” उनकी आँखों में हवस साफ झलक रही थी।
मैंने मस्ती में जवाब दिया, “बेटा, फिर तुम दोनों क्या देख रहे हो? भला एक माँ अपने बेटों को दूध पीने से कब मना करती है? लो, पी लो।”
मेरे मुँह से ये सुनते ही दोनों ने मुझे खड़ा किया। अमित ने मेरी नाइटी के स्ट्रैप्स नीचे खींचे और नाइटी उतार दी। अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। अजित ने मेरी ब्रा के हुक खोले और उसे खींचकर फेंक दिया। मेरे 38 साइज के बड़े-बड़े बूब्स आजाद हो गए, उनके निप्पल्स सख्त हो चुके थे। दोनों उन पर भूखे भेड़ियों की तरह टूट पड़े। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
“आह्ह… उम्म…” मैं सिसकारियाँ लेने लगी। अमित मेरे दाएँ बूब को चूस रहा था, उसका निप्पल अपने मुँह में लेकर खींच रहा था, और दाँतों से हल्के से काट रहा था। “आह्ह… अमित… ऐसे ही… उम्म…” अजित बाएँ बूब को दबाते हुए चाट रहा था, उसकी जीभ मेरे निप्पल पर गोल-गोल घूम रही थी। “Mom Son Incest Story”
दोनों मेरे बूब्स को बारी-बारी से चूस रहे थे, और मेरी चूत में कुछ हलचल सी होने लगी। मेरी चूत गीली होकर पैंटी में चिपक रही थी। “आह्ह… मेरे बेटों… चूसो… और जोर से… अपनी माँ के बूब्स को चाटो… स्स्स…” मैं उनके सिर को अपने बूब्स पर दबा रही थी। मैंने उनसे कहा, “अपने कपड़े उतारो।” दोनों ने फटाफट अपनी टी-शर्ट और लोअर उतार दिए।
अब वो सिर्फ अंडरवियर में थे, और उनके लंड अंडरवियर में तंबू बना रहे थे। अमित ने मेरी पैंटी पकड़ी और नीचे खींचकर उतार दी। अब हम तीनों पूरी तरह नंगे थे। मैंने उनके अंडरवियर के ऊपर से उनके लंड पकड़ लिए और ऊपर-नीचे करने लगी। उनके लंड मेरे पति के लंड से कहीं ज्यादा बड़े और मोटे थे, मेरे हाथों में उनका सख्तपन महसूस हो रहा था। “आह्ह… कितने मोटे हैं ये… मेरी चूत तो फट जाएगी…” मैं मस्ती में बोल रही थी।
अजित बोला, “मम्मी, मुझे आपकी चूत चाटनी है।” उसकी आवाज में हवस थी।
अमित ने कहा, “मम्मी, मुझे आपसे अपना लंड चुसवाना है।”
मैंने मस्ती में जवाब दिया, “मेरे प्यारे बच्चों, जो तुम्हें करना है, वो कर लो।”
ये सुनते ही अजित मेरी टाँगों के बीच में आ गया। उसने मेरी जाँघें फैलाईं और अपनी जीभ मेरी चूत पर रख दी। “आह्ह… उम्म…” उसकी गर्म जीभ मेरी चूत के दाने को सहला रही थी, और वो धीरे-धीरे चाट रहा था। ऊपर से अमित ने अपना 9 इंच का लंड मेरे मुँह में ठूंस दिया। “गुुु… गुुु…” मेरे मुँह से आवाजें निकल रही थीं।
मैं उसका लंड चूस रही थी, उसका टोपा अपनी जीभ से चाट रही थी, और उसका प्री-कम मेरे मुँह में आ रहा था। नीचे अजित मेरी चूत को चाट-चाटकर गीला कर रहा था, उसकी जीभ मेरी चूत के अंदर घुस रही थी। “आह्ह… अजित… ऐसे ही चाट… उम्म… और अंदर डालो जीभ…” मैं सिसकारियाँ ले रही थी। दोनों मेरे बूब्स को भी दबा रहे थे, और मैं उनके लंडों को हाथ से हिला रही थी। “Mom Son Incest Story”
मैंने अमित का लंड मुँह से निकाला और उसे हाथ में लेकर जोर-जोर से हिलाने लगी। मस्ती में मैं बोलने लगी, “आह्ह… मेरे बच्चों… आह्ह… खूब चूसो अपनी माँ को… अमित, मेरे बूब्स चूस… आह्ह… अजित, ऐसे ही चाट मेरी चूत… स्स्स… आह्ह… तुम दोनों की जीभ कितनी गर्म है… उम्म…”
अमित मेरे बूब्स चूसने लगा, उसके दाँत मेरे निप्पल पर लग रहे थे। अजित ऊपर आकर मेरे दूसरे बूब को चाटने लगा, और अमित नीचे गया। अमित ने मेरी चूत को देखकर बोला, “मम्मी, क्या हम दोनों इसी में से बाहर आए थे?” उसकी आँखें मेरी चूत पर टिकी थीं।
मैंने हँसते हुए कहा, “हाँ मेरे बच्चों, तुम दोनों इसी में से निकले थे।”
ये सुनते ही अमित जैसे पागल हो गया। उसने अपनी पूरी जीभ मेरी चूत में डाल दी और जोर-जोर से अंदर-बाहर करने लगा। “आह्ह… उफ्फ…” मेरी चूत में मानो आग लग गई थी। उसकी जीभ मेरी चूत की दीवारों को छू रही थी, और मेरी चूत से पानी बह रहा था। मैं चिल्ला रही थी, “आह्ह… बेटा… ऐसे ही चाट… और जोर से… बहुत मजा आ रहा है… उम्म… तुम्हारी जीभ मेरी चूत को पागल कर रही है…”
तभी दोनों एक साथ बोले, “मम्मी जी, असली मजा तो तब आएगा जब हम दोनों आपको चोदेंगे।”
मैंने मस्ती में कहा, “आह्ह… सच में बेटा? तो फिर अच्छे से अपनी माँ का दूध पीयो, इसमें बहुत ताकत होती है।”
अमित बोला, “हाँ जी मम्मी, आज आपको इसी दूध की ताकत दिखानी है।”
आज मेरे दोनों बेटे कमाल कर रहे थे। मेरे पति ने भी कभी इतने प्यार और जोश से मेरी चूत नहीं चाटी थी। दोनों मुझे पागलों की तरह चूस रहे थे, उनकी जीभें मेरे जिस्म पर हर जगह घूम रही थीं। मैं जन्नत में पहुँच चुकी थी, मेरा जिस्म काँप रहा था।
मेरी चूत अब लंड के लिए तड़प रही थी। मैं अपनी गांड उठा-उठाकर अपनी चूत चटवा रही थी, और उन्हें चुदने का इशारा कर रही थी। “आह्ह… अब चोदो ना… मेरी चूत को लंड चाहिए… तुम्हारे मोटे लंड… उम्म…” मैं बोल रही थी। मेरे सामने दो जवान लंड थे, और मेरी चूत पूरी तरह गीली थी। “Mom Son Incest Story”
अमित ने पूछा, “मम्मी, आपकी चूत चिपचिपी क्यों हो रही है?”
मैंने हँसते हुए कहा, “मेरे बेटे, वो चिपचिपी नहीं, तुम्हारे लंड को देखकर उसका मुँह में पानी आ रहा है। अब वो तुम्हारे लंड लेने के लिए पागल हो रही है। अब इसे चोदो बस।”
अजित बोला, “नहीं मम्मी, अभी मुझे आपकी चूत और चाटनी है। इसमें बहुत मजा आता है।” इतने में अमित ने अपनी जीभ फिर से मेरी चूत में डाल दी। “आह्ह… उफ्फ…” मेरे मुँह से मस्ती भरी सिसकारियाँ निकलने लगीं। मैं बोली, “आह्ह… तुम दोनों बहुत बदमाश हो… तुम दोनों अपने पापा पर गए हो।”
दोनों एक साथ बोले, “वो कैसे मम्मी?”
मैंने कहा, “वो भी बस मुझे अपना लंड चुसवाते हैं और मेरी चूत को खूब चाटते हैं। और इस चक्कर में मुझे और मेरी चूत को बहुत तड़पाते हैं। बच्चों, प्लीज अब तुम मुझे चोद दो। और नहीं तड़पा जाता। चूत चाटने की बात, मैं तो हमेशा घर पर ही हूँ। जब चाहे जितनी मर्जी मेरी चूत चाट और चूस सकते हो। लेकिन अब मुझे चोद दो बस।”
दोनों एक साथ बोले, “चलो मम्मी, जैसा आप कहो।”
ये कहते ही वो दोनों खड़े हो गए। मैं उनके लंड देख रही थी, जो मेरी चूत को घूर रहे थे। मैंने उनके लंड हाथ में लिए और बोली, “ये तो तुम्हारे पापा से भी ज्यादा बड़े और मोटे हैं। आज तो मजा ही आ जाएगा।” मैंने उनके लंडों को सहलाया, उनके टोपों पर उंगली फेरी, और वे और सख्त हो गए। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अमित बोला, “चलो मम्मी, अब आप घोड़ी बन जाओ। अजित आपकी चूत मारेगा, और मैं पीछे से आपकी गांड मारूँगा।”
मैंने डरते हुए कहा, “नहीं-नहीं बेटा, ऐसे नहीं। ऐसे तो तुम दोनों मेरी जान निकाल दोगे।” मेरी गांड पहले कभी नहीं चुदाई थी, और उनके मोटे लंड सोचकर मैं काँप गई।
अमित बोला, “मम्मी, मुझे सब पता है। अब आप टाइम वेस्ट ना करो प्लीज।”
मैंने उसकी तरफ देखा और मुस्कुराकर बोली, “ये सब तुम्हें कैसे पता?”
अमित ने कहा, “मम्मी प्लीज, ये सब बातें बाद में। अभी मेरा मूड बना हुआ है, उसे खराब मत करो। प्लीज घोड़ी बन जाओ।”
मैं चुपचाप घोड़ी बन गई, अपनी गांड ऊपर उठाकर। अजित ने अपनी कमर के नीचे दो तकिए रखे और उस पर लेट गया। उसका लंड सीधा खड़ा था, 9 इंच लंबा और 4 इंच मोटा, जैसे कोई लोहे का रॉड। मैं अपनी चूत उसके लंड पर सेट करने वाली थी कि उसने मुझे रोक दिया और अपने लंड पर तेल लगाने लगा। मैंने कहा, “ये क्या कर रहे हो? तेल की कोई जरूरत नहीं।” मेरी चूत पहले से ही गीली थी। “Mom Son Incest Story”
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अजित बोला, “नहीं मम्मी, आपको कुछ नहीं पता। मैं और भाई एक साथ आपकी चूत और गांड मारेंगे, इसलिए ये सब करना पड़ेगा।”
अमित ने भी अपने लंड पर तेल लगा लिया और उसका लंड मेरी गांड के छेद पर सेट कर लिया। उसका गर्म टोपा मेरी गांड को छू रहा था, और मैं काँप रही थी। अजित ने कहा, “भाई, मेरे तीन गिनने पर एक साथ मम्मी की चूत और गांड में हमारे लंड होने चाहिए।”
अमित बोला, “ओके।”
जैसे ही अजित ने गिनती शुरू की, “एक… दो…” मैंने अपनी साँस रोक ली। जैसे ही उसने “तीन” कहा, मेरी चूत में अजित का लंड घुसा, और गांड में अमित का। “आह्ह… उई… माँ… फट गई…” मेरे मुँह से जोरदार चीख निकली। चूत में तो दर्द कम था, क्योंकि वो गीली थी, लेकिन गांड में इतना दर्द हुआ कि मेरी आँखों में आँसू आ गए। उनके मोटे लंड मेरी चूत और गांड को फैला रहे थे, जैसे कोई हथौड़ा मार रहा हो। “Mom Son Incest Story”
अजित बोला, “अमित, देख मैं तेरी माँ की चूत मार रहा हूँ।” वह धीरे-धीरे धक्के मार रहा था।
अमित बोला, “तू भी देख, मैं तेरी माँ की गांड मार रहा हूँ।” उसका लंड मेरी गांड में अंदर-बाहर हो रहा था।
उनकी ये अजीब बातें सुनकर मैं हैरान थी। मैं बोली, “ये तुम दोनों क्या बातें कर रहे हो?” मेरी आवाज काँप रही थी।
अमित ने कहा, “मम्मी, आप अभी सिर्फ मजा लो। ये सारी बातें हम आपको बाद में बता देंगे।”
अब दोनों अपने-अपने लंड मेरी चूत और गांड में बारी-बारी से अंदर-बाहर कर रहे थे। “थप… थप… थप…” उनकी चुदाई की आवाज कमरे में गूँज रही थी। शुरू में दर्द था, लेकिन धीरे-धीरे मजा आने लगा। अजित का लंड मेरी चूत की गहराई छू रहा था, और अमित का मेरी गांड को फैला रहा था।
“आह्ह… उफ्फ… मेरे बेटों… और जोर से… चोदो अपनी माँ को…” मैं सिसकारियाँ ले रही थी। वे दोनों मेरे बूब्स भी दबा रहे थे, और मैं अपनी गांड हिला-हिलाकर उनके धक्कों का जवाब दे रही थी। कमरे में मेरी सिसकारियाँ गूँज रही थीं, “आह्ह… उई… स्स्स… उफ्फ… तुम्हारे लंड कितने मोटे हैं… मेरी चूत फट रही है… उम्म… और गहराई में डालो…” मैं मस्ती में चूर थी।
“आह्ह… मेरे बच्चों… ऐसे ही चोदो… तुम दोनों अपने पापा से भी अच्छा चोदते हो… आह्ह… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत और गांड को…” मैं मस्ती में बोल रही थी। वे दोनों अब स्पीड बढ़ा रहे थे, उनके धक्के जोरदार हो गए थे। अजित मेरी चूत में अपना लंड पूरा डालकर घुमा रहा था, और अमित मेरी गांड को थप्पड़ मारते हुए चोद रहा था।
“पच… पच…” मेरी चूत से पानी की आवाज आ रही थी। करीब 25-30 मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद पहले अजित ने 5-7 जोरदार धक्कों के साथ अपनी चूत में अपना पानी छोड़ दिया। “आह्ह… मम्मी… लो… मेरी चूत भर दो…” उसका गर्म पानी मेरी चूत को भर रहा था, और मैं ऑर्गेज्म पर पहुँच गई, मेरा जिस्म काँप रहा था। “Mom Son Incest Story”
दो मिनट बाद अमित ने भी अपनी गांड में अपना सारा पानी छोड़ दिया। “उफ्फ… मम्मी… ये लो… मेरी गांड में भर दो…” उसका गर्म माल मेरी गांड में बह रहा था। हम तीनों एक-दूसरे के ऊपर लेट गए, पसीने से तर-बतर, साँसें तेज चल रही थीं।
15-20 मिनट आराम करने के बाद दोनों बोले, “हाँ जी मम्मी, अब बताओ, पापा से ज्यादा मजा आया या कम?”
मैंने हँसते हुए कहा, “हाँ मेरे बच्चों, तुम दोनों ने मुझे अपने पापा से भी कहीं ज्यादा मजा दिया है। अब बताओ, आखिर बात क्या है?”
अमित ने कहा, “मम्मी, बात ये है कि आप सोचती हैं कि आपने हमें आपकी चूत मारने के लिए तैयार किया है। लेकिन सच ये है कि हमने आपकी चूत मारने के लिए आपको तैयार किया है।”
मैं उसकी बात सुनकर हैरान रह गई और बोली, “क्या? कैसे?”
अमित ने बताया, “मम्मी, बात ये है कि 4 महीने पहले जब पापा आए थे, मैं एक रात पानी पीने उठा। आपके कमरे से कुछ आवाजें आ रही थीं। मैंने देखा तो पापा आपकी चूत चाट रहे थे, और आप उनका लंड चूस रही थीं। पापा ने आपसे कहा था कि ये आपका फेवरेट स्टाइल है।
फिर आप घोड़ी बनकर पापा से चुद रही थीं। अगले दिन मैंने ये सब अजित को बताया। फिर 3 दिन तक हम दोनों रोज आपको ऐसा करते देखते रहे। उस वक्त हमारे मन में आपको चोदने का कोई ख्याल नहीं था। लेकिन जब हमने इंटरनेट पर ऐसी कहानियाँ पढ़ीं, तो हमारे मन में आपको चोदने का विचार आने लगा।
फिर कुछ दिन बाद पापा फिर आए और रात को आपको चोदने लगे, लेकिन तभी उनका फोन आ गया और वो आपको तड़पता छोड़कर चले गए। एक दिन आप स्टडी रूम में अपनी आईडी लॉगआउट करना भूल गईं। मैं और अजित ने आपकी सारी चैट पढ़ ली। हमें पता था कि आप चुदना चाहती हैं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
हमने जान-बूझकर आपके सामने स्टडी रूम में ब्लू फिल्म लगाकर अपने लंड दिखाए, ताकि आपकी चूत में खुजली हो। और जब रमेश ने अब्दुल बनकर आपसे बात की, तो उसे पता चल गया कि आप चुदना चाहती हैं। उसने आपको उस साइट का लिंक दिया, जिसमें हर तरह की सेक्स कहानियाँ थीं। उन्हें पढ़कर आप और गर्म हो गईं, और आज आप हमारे सामने नंगी चुद रही हैं।” “Mom Son Incest Story”
उनकी बात सुनकर मैं हैरान थी, लेकिन मुझे इस बात की खुशी भी थी कि मेरे दोनों बेटों ने मुझे पाने और मेरी प्यास बुझाने के लिए इतना कुछ किया। मैंने उन्हें अपनी बाहों में भर लिया और कहा, “मेरे बच्चों, अब तुम सिर्फ 2-3 दिन ही अपनी माँ से दूर रहोगे। वरना जब तुम्हारे पापा नहीं होंगे, तुम मेरे साथ ही सोओगे।”
अजित बोला, “ठीक है मम्मी, ये तो बहुत अच्छी बात है। चलो, अब एक बार और दे दो। अब मैं आपकी गांड मारूँगा, और भाई आपकी चूत मारेगा।”
मैंने मस्ती में कहा, “आ जाओ मेरे प्यारे बच्चों, चोद अपनी माँ को। उसकी चूत और गांड का भोसड़ा बना दो।”
आज हालत ये है कि जब तक मेरे दोनों बेटे मुझे दो-दो बार चोद न लें, उन्हें नींद नहीं आती। अब तो मेरे पीरियड्स के 3 दिन ही मैं उनसे बच पाती हूँ। लेकिन उन दिनों में भी मेरे बच्चे अपना लंड मुझे चुसवाकर दो-दो बार अपना पानी पिलाकर सोते हैं। मुझे ये सब बहुत अच्छा लगता है, और अब मुझे अपने पति का इंतजार नहीं करना पड़ता।
Rakesh says
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