Najayaz Rishta XXX Story
मेरा नाम नूरजहाँ है। मैं 32 साल की एक शादीशुदा मुस्लिम औरत हूँ। मेरा रंग गोरा है, हाइट 5 फीट 4 इंच, और फिगर 34-28-36। मेरी चूचियाँ भरी हुई हैं, और मेरी गाँड गोल और मस्त है, जो मेरे पति को हमेशा उत्तेजित करती थी। मेरे लंबे, काले, घने बाल कमर तक लहराते हैं, और मेरी भूरी आँखें लोगों को अपनी तरफ खींचती हैं। मेरे होंठ गुलाबी और रसीले हैं। Najayaz Rishta XXX Story
मैं अपने पति अकरम के साथ मुंबई में मरीन ड्राइव के पास एक पॉश अपार्टमेंट में रहती हूँ, जहाँ खिड़की से समुद्र की लहरें दिखती हैं। अकरम 35 साल के हैं, सांवले रंग के, 5 फीट 8 इंच लंबे, और एक सॉफ्टवेयर कंपनी में सीनियर डेवलपर हैं। उनका शरीर औसत है, हल्की-सी तोंद निकल आई है, लेकिन उनकी शरारती मुस्कान और चंचल आँखें उन्हें जवान दिखाती हैं।
उनकी हेयरलाइन थोड़ी पीछे खिसकी है, लेकिन वो अभी भी आकर्षक हैं। हमारी शादी 2019 में हुई थी। अकरम का परिवार अहमदाबाद का है, लेकिन उनकी मुंबई में अच्छी नौकरी लगने के बाद हम यहीं बस गए। शुरुआती सालों में हमारी जिंदगी मस्त थी। मैं और अकरम खूब मजे करते, वीकेंड पर लॉन्ग ड्राइव पर जाते, रात को देर तक फिल्में देखते, और बेड पर एक-दूसरे के साथ घंटों मस्ती करते।
मैं अक्सर सलवार-कमीज या साड़ी पहनती थी, और अकरम को मेरा ये देसी लुक बहुत भाता था। लेकिन इस साल कुछ ऐसा हुआ कि सब बदल गया। अकरम को पता नहीं कहाँ से एक गंदा सा शौक चढ़ गया, जिसने मुझे पहले हैरान किया, फिर डराया, और आखिर में मेरे जिस्म को एक नई आग में झोंक दिया।
एक रात हम अपने बेडरूम में लेटे थे। मैंने एक पतली सी नीली सिल्क की नाइटी पहनी थी, जो मेरे जिस्म से चिपकी थी। मेरी चूचियाँ उसमें से उभर रही थीं, और मेरी क्लीवेज हल्की-सी दिख रही थी। अकरम ने अपनी सादी सफेद टी-शर्ट और ग्रे पायजामा पहना था।
रात के करीब 11:30 बजे थे, और कमरे में सिर्फ टेबल लैंप की हल्की रोशनी थी। हम बेड पर लेटे हुए थे, और मैं अकरम के सीने पर सिर रखकर लेटी थी। अचानक अकरम ने मुझसे पूछा, “नूरजहाँ, एक बात पूछूँ?” उनकी आवाज में एक शरारत थी, जो मुझे थोड़ा अजीब लगी। मैंने हल्का सा मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ, पूछो ना।”
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अकरम: “तुम्हें गैर मर्द कैसे लगते हैं?”
मैंने चौंककर उनकी तरफ देखा। मेरे गाल शर्म से लाल हो गए। “ये आप कैसा सवाल पूछ रहे हैं?” मैंने हल्के गुस्से में कहा।
अकरम: “सही सवाल पूछ रहा हूँ, बताओ ना।”
मैंने हिचकते हुए कहा, “ठीक लगते हैं।” मेरे मन में ख्याल आया कि वो मजाक कर रहे होंगे।
अकरम: “अच्छा… तो अगर कोई गैर मर्द तुझे छूएगा, तो तू क्या करेगी?”
“छी! शर्म नहीं आती ऐसी गंदी बातें करने में?” मैंने शर्मिंदगी और गुस्से के मिश्रण में कहा।
अकरम: “सोचने में क्या हर्ज है? मुझे तो मस्ती आती है ऐसी बातें सोचने में। बताओ ना, कैसा लगेगा अगर कोई गैर मर्द तुझे छूए?”
मैंने गुस्से में लाइट बंद की और कहा, “मुझसे अब बात नहीं करनी, मैं सो रही हूँ।” मैंने करवट ली और सोने की कोशिश की, लेकिन मेरा दिमाग उलझ गया। अकरम को ये क्या हो गया है? मुझे लगा कि वो मुझे छेड़ रहे होंगे, लेकिन अगली रात फिर वही सिलसिला शुरू हुआ। अकरम ने अपना लैपटॉप निकाला और मुझे कुछ कहानियाँ पढ़ने को कहा।
मैंने जब वो कहानियाँ पढ़ीं, तो मेरे होश उड़ गए। वो शादीशुदा लड़कियों और गैर मर्दों के बीच नाजायज रिश्तों की गंदी कहानियाँ थीं। मैंने गुस्से में कहा, “ये क्या बकवास पढ़वाते हो?” अकरम ने हँसते हुए कहा, “अरे, बस मजा ले रहा हूँ। तुझे भी तो अच्छा लगेगा।” मैंने लैपटॉप बंद किया और कहा, “मुझे ये सब पसंद नहीं।” लेकिन वो हँसते रहे।
करीब एक हफ्ते तक वो हर रात ऐसी कहानियाँ पढ़ते और मुझे दिखाते। मुझे अजीब लगता, लेकिन उनकी जिद के आगे मैं चुप रहती। एक रात अकरम लैपटॉप पर कुछ टाइप कर रहे थे। मैं रसोई से चाय लेकर आई और उनके पास बैठ गई। मैंने देखा कि वो किसी नितेश नाम के आदमी से चैट कर रहे थे। नितेश 36 साल का मर्द था, जो मुंबई में ही रहता था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अकरम ने बताया कि वो पैसेवाला है, 5 फीट 10 इंच लंबा, गोरा, और मस्कुलर। उसका हाल ही में अपनी दूसरी बीवी से तलाक हुआ था। मैंने देखा कि अकरम मेरे बारे में उससे बहुत गंदी-गंदी बातें कर रहे थे। चैट में ऐसी बातें थीं कि मेरे गाल शर्म से लाल हो गए। मैंने अकरम को टोका, “ये क्या कर रहे हो?” लेकिन वो बोले, “अरे, बस मजे की बातें हैं।”
अकरम ने चैट में लिखा, “मेरी बीवी नूरजहाँ मेरे पास बैठी है और सब कुछ देख रही है।”
नितेश ने जवाब दिया, “तेरी बीवी को तो मैं अपने मोटे लंड से चोद-चोदकर मस्त कर दूँगा।”
मैंने शर्म और गुस्से में स्क्रीन से नजरें हटाईं। अकरम ने लिखा, “मेरी बीवी बहुत शरीफ मुस्लिम औरत है। मेरे अलावा किसी और मर्द की तरफ देखती तक नहीं।”
नितेश: “तुझे नहीं पता, ये औरतें बाहर से शराफत दिखाती हैं, लेकिन अंदर से बड़े-बड़े लंड लेने को बेताब रहती हैं। जितनी शरीफ बाहर से, उतनी ही रंडी अंदर से।”
अकरम: “तो क्या मेरी बीवी तुझसे चुदवाएगी?”
नितेश: “साली को एक बार मेरे पास भेज दे, मेरे लंड को चूस-चूसकर चुदवाएगी।”
मैंने गुस्से में कहा, “ये सब बंद करो!”
लेकिन अकरम ने हँसते हुए कहा, “अरे, बस मजा ले रहा हूँ। तू भी तो देख, कितना मजा आ रहा है।”
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हर रात वो नितेश से ऐसी गंदी चैट करते, और मुझे अपने पास बिठाते। मैं चुप रहती, लेकिन मन में गुस्सा, शर्मिंदगी, और एक अजीब-सी उत्तेजना उबल रही थी। एक दिन अकरम ने मेरी एक फोटो नितेश को भेज दी। उसमें मैंने हल्की गुलाबी साड़ी पहनी थी, और मेरा पल्लू हल्का-सा सरका हुआ था। “Najayaz Rishta XXX Story”
मेरी 34 साइज की चूचियाँ और क्लीवेज साफ दिख रही थीं। नितेश ने लिखा, “क्या मस्त माल है तेरी बीवी! इसका गोरा जिस्म तो कमाल है। इसकी गोरी चूत में अपना लंड डालने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ।” अकरम ये पढ़कर हँस रहे थे और बोले, “देखा, तुझे कितना चाहता है ये?”
मैंने गुस्से में कहा, “ये क्या हरकत है? मेरी फोटो क्यों भेजी?”
लेकिन वो बोले, “अरे, बस मजे की बात है। तुझे भी तो अच्छा लग रहा होगा।”
मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अकरम को मेरी गैर मर्दों से चुदाई के ख्याल से इतनी उत्तेजना क्यों होती थी। एक दिन अकरम मेरे लिए एक लाल रंग की सलवार-कमीज लाए। उसका गला बहुत गहरा था, और वो स्लीवलेस थी। मैंने कहा, “ये तो बहुत खुला है। मैं ऐसे कपड़े नहीं पहनती।”
वो बोले, “जल्दी से पहन लो, हम बाहर जा रहे हैं।”
मैंने वो सलवार-कमीज पहनी और शीशे में देखा। मेरा गोरा जिस्म उसमें और निखर रहा था। मेरी चूचियाँ उभरी हुई थीं, और क्लीवेज साफ दिख रही थी। मैंने दुपट्टा ठीक किया, लेकिन फिर भी मेरा जिस्म छिप नहीं रहा था। अकरम ने कहा, “तू बहुत सेक्सी लग रही है। चल, लेट हो रही है।”
हम बाजार गए। मैं उस सलवार-कमीज में चल रही थी, और मेरा दुपट्टा बार-बार सरक रहा था। मेरी क्लीवेज और गोरा जिस्म सबकी नजरों में था। रास्ते में गैर मर्द मुझे घूर-घूरकर देख रहे थे। एक सब्जीवाला तो मेरे सामने अपना लंड खुजा रहा था। मैंने शर्म से नजरें झुका लीं, लेकिन अकरम मुस्कुरा रहे थे।
मैंने गुस्से में उनकी तरफ देखा, तो वो बोले, “क्या करूँ, तुझे ऐसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया।” मुझे गुस्सा आ रहा था, लेकिन वो मजे ले रहे थे। हम एक रेस्तराँ में खाने गए। वहाँ एक गैर मर्द मेरे सामने बैठा था। उसकी नजर मेरी चूचियों पर थी, जो मेरी सलवार-कमीज के गहरे गले से दिख रही थीं। “Najayaz Rishta XXX Story”
वो प्यासी नजरों से मुझे घूर रहा था। मैंने दुपट्टा ठीक किया, लेकिन उसकी नजरें नहीं हटीं। मैंने अकरम की तरफ देखा, वो फिर मुस्कुरा रहे थे। रात को घर लौटकर मैं बेड पर लेटी थी। मैंने अपनी वही नीली नाइटी पहनी थी। अकरम मेरे पास आए और बोले, “कैसा लगा आज का दिन?”
मैंने गुस्से में कहा, “बहुत बुरा। तुमने जानबूझकर मुझे ऐसी ड्रेस पहनाई जिसमें मेरा जिस्म दिखे। सब लोग मुझे गंदी नजरों से देख रहे थे, और तुम मुस्कुरा रहे थे।”
अकरम: “क्या बताऊँ, नूरजहाँ, मेरा लंड खड़ा हो गया था ये देखकर कि गैर मर्द मेरी बीवी को भूखी नजरों से देख रहे हैं।”
मैंने कहा, “छी! शर्म नहीं आती तुम्हें?”
अकरम: “नहीं आती। मजा आता है। तू भी इसकी आदत डाल ले। आज वो सब्जीवाला तुझे कैसे देख रहा था? तुझे चोदने के लिए तरस रहा था।”
मैंने गुस्से में कहा, “अगर ऐसा हो जाता, तो तुम क्या करते?”
अकरम: “मजा लेकर देखता उस मर्द को मेरी बीवी चोदते हुए।”
मैंने चिल्लाया, “बस, बहुत हुआ। चुप करो।”
अकरम ने मुझे पकड़ लिया और बोले, “सोच, वो सब्जीवाला तुझे चोद रहा है।”
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ये कहकर उन्होंने मेरी नाइटी ऊपर की और मुझे चोद दिया। “पच-पच” की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं, और मैं “आह… ऊह…” सिसक रही थी। अकरम का 6 इंच का लंड मेरी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था, और वो बार-बार उस सब्जीवाले की बात कर रहे थे। “आह… नूरजहाँ… सोच, वो तुझे कितना जोर से चोदता…” मैं चुप थी, लेकिन मेरी चूत गीली हो चुकी थी।
एक दिन अकरम ने कहा, “मेरा एक दोस्त आज शाम को आने वाला है। डिनर तैयार रखना।”
मैंने रसोई में चिकन बिरयानी बनाई। मैंने एक हल्की हरी सलवार-कमीज पहनी थी, जो ज्यादा खुली नहीं थी, लेकिन मेरी चूचियाँ और गाँड का शेप साफ दिख रहा था। शाम को उनका दोस्त आया। वो नितेश था, वही जिसके साथ अकरम चैट करते थे। नितेश 36 साल का, गोरा, 5 फीट 10 इंच लंबा, और मस्कुलर था।
उसने काली शर्ट और नीली जींस पहनी थी। उसकी आँखों में एक भूख थी, जो मुझे देखते ही और बढ़ गई। डिनर के वक्त हम तीनों खाने की मेज पर बैठे। मैंने बिरयानी परोसी। नितेश मेरे सामने बैठा था और मुझे घूर रहा था। उसकी नजरें पहले मेरी आँखों पर थीं. “Najayaz Rishta XXX Story”
फिर मेरी 34 साइज की चूचियों पर चली गईं। मेरी सलवार-कमीज का गला ज्यादा डीप नहीं था, लेकिन मेरी चूचियाँ उभरी हुई थीं। मुझे शर्मिंदगी हो रही थी, और मैंने नजरें झुका लीं। डिनर के बाद कुछ बातें हुईं। फिर हम बेडरूम में गए। अकरम ने नितेश को भी बुला लिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने नितेश से कहा, “आप गेस्ट रूम में सो जाइए, मैंने बिस्तर लगा दिया है।”
अकरम: “उसकी जरूरत नहीं। नितेश आज यहीं सोएगा।”
मैंने चौंककर कहा, “तो मैं कहाँ सोऊँगी?”
अकरम: “नितेश के साथ।”
नितेश मुस्कुराने लगा।
मैं शॉक्ड थी। “ये क्या बोल रहे हो? ये नहीं हो सकता। ये आदमी कौन है?”
नितेश: “अब वक्त हो गया है, अकरम। इसे बता दे मैं कौन हूँ।”
अकरम: “ये नितेश है, जिसके साथ मैं तेरे सामने चैट करता था।”
मैं हैरान रह गई। “तो ये तुम दोनों का प्लान था? तुम मेरे पति हो, मेरे साथ ऐसा गंदा खेल कैसे खेल सकते हो?”
अकरम: “क्या करूँ? अपनी सेक्सी बीवी को गैर मर्द के साथ चुदते देखने का ख्याल मुझे पागल कर देता है।”
नितेश: “बस, बहुत ड्रामा हो गया।”
नितेश मेरे करीब आया। उसकी साँसें तेज थीं। “जब से अकरम ने मुझे तेरी फोटो दिखाई, मेरा लंड सोया नहीं। तुझे चोदने के लिए उछल रहा है।”
मैंने गुस्से में कहा, “छी! कितने गंदे हो तुम मर्द लोग।”
नितेश: “अभी तूने मेरा गंदापन देखा कहाँ है? जब तुझे नंगा करके तेरी चूत और गाँड के मजे लूँगा, तब पता चलेगा।”
नितेश ने मेरी चूचियों को पकड़ लिया। मैंने अकरम की तरफ देखा। वो कुर्सी पर बैठे मुस्कुरा रहे थे। मैं समझ गई कि अब मना करने से कुछ नहीं होगा। मैं चुप हो गई। नितेश ने मेरी सलवार-कमीज के ऊपर से मेरी चूचियों को जोर-जोर से दबाया। “क्या मस्त चूचियाँ हैं तेरी,” उसने कहा।
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फिर उसने मुझे अपनी बाहों में भरा और मेरी गाँड पर हाथ फेरते हुए बोला, “तेरी गाँड तो कमाल की है। इसके बीच में मेरा लंड डालकर मजे लूँगा।” उसने मेरी सलवार की लेस खोल दी। मेरी सलवार नीचे सरक गई, और मैं सिर्फ अपनी काली पैंटी और कमीज में थी। नितेश ने मुझे बेड पर धकेल दिया और मेरी कमीज को ऊपर उठाकर मेरे पेट और कमर को चूमने लगा।
“आह…” मैं सिसक उठी। उसने मेरी पैंटी खींचकर उतार दी। अब मैं पूरी नंगी थी। उसने मेरे होंठों पर किस करना शुरू किया और अपनी उंगली मेरी चूत में डाल दी। “ऊह…” मैं दर्द से काँप गई, लेकिन उसने मेरे होंठ चूसने नहीं दिए, जिससे मैं चिल्ला न सकूँ। उसकी जीभ मेरे मुँह में थी, और वो मेरी चूत में उंगली अंदर-बाहर कर रहा था। “आह… नितेश… धीरे…” मैं सिसक रही थी।
नितेश ने अपनी काली शर्ट और जींस उतारी। उसका लंड 8 इंच लंबा और मोटा था, अकरम के 6 इंच के लंड से कहीं बड़ा। वो अपने लंड को मेरे होंठों पर रगड़ने लगा और बोला, “चूस इसे, रंडी।” मैंने हिचकते हुए कहा, “प्लीज, ये मत करवाओ।” मैंने अकरम की तरफ देखा, वो चुपचाप कुर्सी पर बैठे थे। “Najayaz Rishta XXX Story”
नितेश ने कहा, “तेरे पति को कोई ऐतराज नहीं, तो तेरी गाँड में क्यों दर्द हो रहा है? चूस मेरा लंड। तेरा पति यही चाहता है।” मैंने हार मानकर उसका मोटा लंड अपने मुँह में लिया। “आह…” नितेश सिसक उठा। मैंने उसके लंड को जीभ से चाटना शुरू किया, ऊपर से नीचे तक। “और जोर से चूस, साली,” नितेश ने हुक्म दिया।
मैंने और तेजी से चूसा। “आह… देख, अकरम, तेरी बीवी कितने मजे से मेरा मोटे लंड चूस रही है,” नितेश ने हँसते हुए कहा। अकरम चुपचाप मजे ले रहे थे। मैं उसके लंड को चूस रही थी, और मेरी चूत गीली हो रही थी। “चूस, रंडी, और जोर से,” नितेश ने मेरे बाल पकड़कर कहा। मैंने उसके लंड को गले तक लिया, और वो “आह… ऊह…” सिसक रहा था।
लंड चुसवाने के बाद नितेश ने मुझे बेड पर लिटाया। “अपनी टाँगें खोल,” उसने कहा। मैंने अपनी टाँगें फैलाईं। मेरी चूत पहले से गीली थी। नितेश ने अपने लंड का सुपारा मेरी चूत पर रगड़ा। “आह…” मेरे जिस्म में करंट सा दौड़ा। “तेरी चूत तो बहुत गर्म है, साली। चुदने को बेताब है,” नितेश ने अकरम की तरफ देखकर कहा।
उसने अपने लंड को मेरी चूत में धीरे-धीरे घुसाना शुरू किया। “आह… ऊह…” मैं दर्द और मजे के मिश्रण में सिसक रही थी। उसका मोटा लंड मेरी चूत में टाइट जा रहा था। “पच-पच” की आवाजें कमरे में गूँजने लगीं। नितेश ने जोर-जोर से झटके मारने शुरू किए। “साली, कितनी टाइट चूत है तेरी,” उसने गंदी बात करते हुए कहा। वो मेरे ऊपर चढ़ा हुआ था, उसकी मस्कुलर छाती मेरी चूचियों से रगड़ रही थी। “Najayaz Rishta XXX Story”
“आह… नितेश… धीरे…” मैं कराह रही थी। उसने मेरी चूचियों को जोर से दबाया और मेरी चूचियों को चूसने लगा। “ऊह… आह…” मेरी सिसकियाँ तेज हो गईं। “पच-पच… थप-थप…” चुदाई की आवाजें पूरे कमरे में गूँज रही थीं। मेरी चूत गीली हो चुकी थी, और मेरा पानी निकल गया। “आह्ह… ऊह्ह…” मैं सिसक रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
नितेश रुकने का नाम नहीं ले रहा था। उसने मुझे उल्टा किया और मेरी गाँड के बीच से अपना लंड मेरी चूत में डाला। “आह… नितेश… और जोर से…” मैं अब मजे में थी। उसका लंड मेरी चूत को चीर रहा था। “पच-पच… थप-थप…” की आवाजें तेज हो रही थीं। “देख, अकरम, तेरी बीवी मेरे मोटे लंड से कैसे चुद रही है,” नितेश ने हँसते हुए कहा। उसने मेरी चूचियों को पकड़कर जोर-जोर से दबाया। “तेरी चूचियाँ तो कमाल की हैं, साली,” उसने कहा।
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फिर उसने मुझे अपनी गोद में बिठाया और नीचे से झटके मारे। मेरी चूचियाँ उछल रही थीं, और वो उन्हें पकड़कर दबा रहा था। “आह… ऊह… नितेश…” मैं सिसक रही थी। मेरी चूत पूरी तरह गीली थी, और मैं बार-बार झड़ रही थी। “साली, तू तो रंडी की तरह चुद रही है,” नितेश ने कहा। उसने मेरे होंठों को चूसा और मेरी चूत में अपने लंड को और जोर से पेला। “पच-पच… थप-थप…” की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं।
करीब 40 मिनट तक उसने मुझे अलग-अलग पोजीशन में चोदा। कभी मुझे उल्टा करके, कभी मेरे ऊपर चढ़कर, कभी मुझे अपनी गोद में बिठाकर। मेरी चूत सूज गई थी, लेकिन मजे की वजह से मैं रुकने को नहीं कह रही थी। “आह… नितेश… और जोर से…” मैं सिसक रही थी। आखिर में उसने मेरी चूत में अपने लंड का पानी छोड़ दिया।
“आह…” वो कराहते हुए मेरे ऊपर ढेर हो गया। मेरी साँसें तेज थीं, और मेरा जिस्म पसीने से भीगा था। अकरम चुपचाप सब देख रहे थे, और उनकी आँखों में एक अजीब-सी तृप्ति थी। इसके बाद नितेश कई बार हमारे घर आया। हर बार वो मुझे उसी तरह चोदता, और अकरम मजे लेते। उन्हें मेरी गैर मर्द से चुदाई देखना बहुत पसंद था। मेरे पति ने मुझे मोटे लंड की रंडी बना दिया।
Sinhabk says
बीबी को गैर मर्द से एक ही बार चुदवाया फिर कभी दुबारा नहीं किसी से चुदवाया ? तब तो रण्डी बोलना सही नहीं है। बीबी खुद से मर्द बुलाकर चुदवातीं तब रण्डी कहलायेगी। रोज एक मर्द से किसी न किसी को बुलाकर चुदवाने से रण्डी बनेगी।
Frankly samar says
Yaha koi girl bhabhi aunty Lucknow se ho jo chodai karwana chahti ho wo mujhe WhatsApp kare…9984265948