New Free Chudai Story
मेरा नाम रेखा है। मैं लखनऊ की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 40 साल है, लेकिन मैंने अपने खानपान और जिम की मेहनत से अपने जिस्म को 30 साल की लड़की जैसा बनाए रखा है। मेरा फिगर 36-28-36 का है, जो किसी भी मर्द को दीवाना बना दे। मेरी गोरी चमकती त्वचा, भरे हुए दूध, और कसी हुई गांड की वजह से लोग मुझे देखकर पागल हो जाते हैं। New Free Chudai Story
मेरी एक बेटी है, पल्लवी, जो अब 21 साल की हो चुकी है। वो भी मेरी तरह खूबसूरत और सेक्सी है, उसका फिगर 34-28-34 है। उसकी जवान चूचियां और पतली कमर किसी भी मर्द का लंड खड़ा कर दे। मेरे पति ने मुझे तलाक दे दिया है, और अब वो मेरे साथ नहीं रहते। इस वजह से मेरी चूत की आग बुझाने के लिए मुझे गैर मर्दों का सहारा लेना पड़ता है।
अभी मेरे तीन बॉयफ्रेंड हैं – मयंक, रणवीर, और पुनीत। इनमें से पुनीत मुझे सबसे ज्यादा पसंद है। वो 35 साल का है, जिम का ट्रेनर है, और उसका जिस्म ऐसा है कि बस देखते ही चूत गीली हो जाए। उसका लंड 10 इंच का है, मोटा और गुलाबी, जो किसी भी औरत को जन्नत दिखा दे।
पुनीत का स्टैमिना इतना जबरदस्त है कि वो 40-45 मिनट तक बिना झड़े चोद सकता है। मैं उसके जिम में रोज वर्कआउट करती हूँ, और वहीं से हमारा चक्कर शुरू हुआ। कुछ दिन पहले की बात है। मैंने उस दिन जामुनी रंग की साड़ी पहनी थी, जो मेरे जिस्म पर चिपककर मेरी चूचियों और गांड को और उभार रही थी।
मेरा ब्लाउस नूडल स्ट्रैप और लो-कट था, जिसमें से मेरी 36 की चूचियां आधी बाहर झांक रही थीं। मेरे गोरे पेट और गहरी नाभि साड़ी के नीचे से साफ दिख रहे थे। पुनीत मेरे घर आया था। हम दोनों लॉबी में सोफे पर बैठकर कॉफी पी रहे थे और गप्पें मार रहे थे। धीरे-धीरे बातों का रुख बदलने लगा। पुनीत ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे अपनी ओर खींच लिया। उसका गरम जिस्म मेरे जिस्म से टकराया, और मेरी चूत में हल्की सी गुदगुदी होने लगी।
मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : मैडम और क्लासमेट को एक साथ पेला
“क्या बात है जान, आज तो तू बड़ी मस्त लग रही है,” पुनीत ने अपनी भारी आवाज़ में कहा, और उसका हाथ मेरे कंधे से फिसलता हुआ मेरी चूचियों पर जा रुका।
“बस, ऐसे ही तैयार हुई हूँ। तेरा क्या इरादा है?” मैंने हंसते हुए पूछा।
“इरादा तो वही है, जो हर बार होता है। कितने दिन हो गए, तेरी चूत का रस नहीं चखा,” पुनीत ने मेरे कान में फुसफुसाते हुए कहा। उसकी गर्म सांस मेरे कानों में पड़ी, और मेरी चूत में करंट सा दौड़ गया।
मैंने कॉफी का घूंट लिया और उसे छेड़ते हुए कहा, “तो आज मेरी कितनी सेवा करेगा, मेरे राजा?”
पुनीत ने मेरी साड़ी के पल्लू को हल्के से खींचा और मेरे ब्लाउस के ऊपर से मेरी चूचियों को दबाने लगा। “सारी रात तुझे चोदूंगा, रेखा। तू आज मेरी रंडी बन,” उसने कहा और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुस गई, और वो मेरे रसीले होंठों को चूसने लगा।
मैं “उम्म्म… अह्ह… मम्म…” की आवाज़ें निकालने लगी। उसका एक हाथ मेरी चूचियों को मसल रहा था, और दूसरा मेरी साड़ी के नीचे घुसकर मेरी जांघों को सहलाने लगा। मेरी पैंटी पहले ही गीली हो चुकी थी। पुनीत ने मेरे ब्लाउस के बटन खोल दिए। मेरी लाल ब्रा में कैद चूचियां बाहर निकल आईं।
वो मेरे गालों को चूमने लगा, फिर मेरे गले पर हल्के से काटने लगा। “आह्ह… पुनीत… धीरे…,” मैं सिसकारी। उसने मेरी ब्रा का हुक खोल दिया, और मेरी 36 की चूचियां आजाद हो गईं। मेरे काले निप्पल्स तनकर खड़े थे, और पुनीत की आंखों में हवस की चमक साफ दिख रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसने मेरे एक दूध को मुंह में लिया और चूसने लगा, जैसे कोई बच्चा दूध पी रहा हो। “आह्ह… ओह्ह… माँ… उउउ… अअअ…,” मैं सिसकारियां ले रही थी। उसका दूसरा हाथ मेरी साड़ी और पेटीकोट में घुस गया, और मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत को रगड़ने लगा।
“क्या मस्त चूत है तेरी, रेखा,” पुनीत ने कहा और मेरी पैंटी में हाथ डालकर मेरी चूत में उंगली डाल दी। उसकी उंगली मेरी गीली चूत में फिसल रही थी, और मैं “आह्ह… उउउ… माँ… सी सी सी…” की आवाज़ें निकाल रही थी। वो मेरी चूत को उंगली से चोद रहा था, और मैं मज़े में पागल हो रही थी।
तभी दरवाजा खुला, और मेरी बेटी पल्लवी कॉलेज से वापस आ गई। उसने हमें देख लिया। मेरे ब्लाउस के बटन खुले थे, और पुनीत की उंगली मेरी चूत में थी। पल्लवी ने एक पल के लिए हमें घूरा और फिर चुपचाप अपने कमरे में चली गई। पुनीत ने उसकी गांड को घूरते हुए कहा, “तेरी बेटी तो बिल्कुल माल हो गई है, रेखा।”
चुदाई की गरम देसी कहानी : दोस्त की सेक्सी बहन को चोदा उसकी शादी में
“हाँ, अब जवान हो गई है,” मैंने हल्के से कहा, लेकिन मन में डर था कि पुनीत की नजर उस पर न पड़ जाए।
“उसकी चूत दिलवा दे, जान,” पुनीत ने हंसते हुए कहा।
“पहले मेरी आग तो बुझा, फिर देखते हैं,” मैंने बात टालते हुए कहा।
हम दोनों बेडरूम में चले गए। पुनीत ने मेरी साड़ी खींचकर उतार दी। मैं अब सिर्फ ब्लाउस और पेटीकोट में थी। उसने मुझे बेड पर धकेल दिया और मेरे ऊपर चढ़ गया। मेरे होंठों को फिर से चूसने लगा, और उसका एक हाथ मेरी चूचियों को मसल रहा था। “आह्ह… पुनीत… और जोर से…,” मैं सिसकारी।
उसने मेरा ब्लाउस और पेटीकोट भी उतार दिया। अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। मेरी गोरी त्वचा चमक रही थी, और मेरा जिस्म किसी संगमरमर की मूर्ति जैसा लग रहा था। पुनीत ने मेरी ब्रा उतार दी और मेरे दूध को दोनों हाथों से मसलने लगा। “क्या मस्त दूध हैं तेरे, रेखा। एकदम पपीते जैसे,” उसने कहा और मेरे निप्पल्स को मुंह में लेकर चूसने लगा।
मैं “आह्ह… उउउ… ओह्ह माँ… सी सी सी…” की आवाज़ें निकाल रही थी। उसकी जीभ मेरे निप्पल्स पर घूम रही थी, और मेरी चूत में आग लग रही थी। वो मेरे पेट पर किस करते हुए नीचे बढ़ा और मेरी पैंटी उतार दी। मेरी चूत पूरी तरह गीली थी, और उसकी गंध कमरे में फैल रही थी। “New Free Chudai Story”
पुनीत ने मेरी चूत को सूंघा और कहा, “क्या खुशबू है, रेखा। आज तो तेरी चूत का सारा रस पी जाऊंगा।” उसने अपनी जीभ मेरी चूत पर रखी और चाटने लगा। उसकी जीभ मेरी चूत के दाने को रगड़ रही थी, और मैं “आह्ह… उउउ… माँ… अई अई… सी सी सी…” की सिसकारियां ले रही थी।
वो मेरी चूत को चूस रहा था, और मैं मज़े में पागल हो रही थी। उसकी जीभ मेरी चूत के अंदर तक जा रही थी, और मैं अपने कूल्हों को हिलाकर उसका साथ दे रही थी। कुछ देर बाद पुनीत ने अपनी पैंट उतारी। उसका 10 इंच का लंड पूरी तरह तन चुका था। “आजा, रेखा। मेरे लंड को चूस,” उसने कहा।
मैंने उसके लंड को हाथ में लिया। वो गुलाबी और मोटा था, जैसे कोई हथियार। मैंने पहले उसे हल्के से सहलाया, फिर सुपारे को चाटना शुरू किया। “आह्ह… चूस, रेखा… और जोर से चूस,” पुनीत सिसकारी। मैंने उसके लंड को मुंह में लिया और गन्ने की तरह चूसने लगी। मेरा मुंह उसके लंड पर ऊपर-नीचे हो रहा था, और वो “उउउ… सी सी सी… हा हा…” की आवाज़ें निकाल रहा था।
कुछ देर बाद उसने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से मेरी चूत में अपना लंड घुसा दिया। “आह्ह… माँ… पुनीत… धीरे…,” मैं चीखी। उसका लंड मेरी चूत को चीरता हुआ अंदर घुस गया। वो जोर-जोर से धक्के मारने लगा। “फट फट फट…” की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी। मैं “आह्ह… उउउ… अई अई… माँ…” की सिसकारियां ले रही थी। “New Free Chudai Story”
मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : कामुक हो कर चचेरे भाई का लंड चूसने लगी
पुनीत मेरी कमर पकड़कर मुझे पेल रहा था, और मैं मज़े में डूब रही थी। उसने 20 मिनट तक मुझे चोदा, और फिर मेरी चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया। चुदाई के बाद वो कपड़े पहनकर अपने घर चला गया। लेकिन अब वो हर दूसरे-तीसरे दिन मेरे घर आने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मुझे डर था कि पुनीत की नजर मेरी बेटी पल्लवी पर न पड़ जाए। मैं नहीं चाहती थी कि वो मेरी बेटी को इस हवस के खेल में खींचे। एक शाम पुनीत फिर मेरे घर आया। हम दोनों ने शराब पीना शुरू किया। कुछ देर बाद पुनीत का मूड बन गया। उसने मुझसे पूछा, “तेरी बेटी पल्लवी कहाँ है?”
“तुझसे मतलब? तू मेरे साथ मज़े कर,” मैंने बात टालने की कोशिश की।
“साली, चुप कर! बता, पल्लवी कहाँ है?” पुनीत गुस्से में बोला। उसकी आंखों में हवस साफ दिख रही थी।
“वो बाहर गई है,” मैंने डरते हुए कहा।
“झूठ बोलती है, रंडी!” पुनीत चिल्लाया और शराब की बोतल हाथ में लेकर पल्लवी के कमरे की ओर बढ़ गया। मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। मैंने सोचा, आज मेरी बेटी नहीं बचेगी।
पुनीत पल्लवी के कमरे में घुस गया। पल्लवी बिस्तर पर लेटी थी। उसने नेट का सलवार सूट पहना था, जो उसके जिस्म पर चिपक रहा था। उसका गला खुला था, और उसकी 34 की चूचियां साफ झांक रही थीं। वो सोते हुए भी किसी अप्सरा जैसी लग रही थी। पुनीत उसकी जवानी को देखकर पागल हो गया। वो शराब के नशे में उसके पास बैठ गया और उसके गालों पर किस करने लगा।
“पुनीत! उसे छोड़ दे! मेरी चूत ले ले, लेकिन मेरी बेटी को मत छू!” मैं चिल्लाई।
“साली, चुप कर! तेरी फुद्दी चोद-चोदकर मैं बोर हो गया। आज तेरी बेटी की चूत फाड़ूंगा,” पुनीत ने गुस्से में कहा और पल्लवी के ऊपर लेट गया।
पल्लवी नींद में थी। पुनीत ने उसके गालों को चूमना शुरू किया, फिर उसके सूट के ऊपर से उसकी चूचियों को छूने लगा। पल्लवी “आह्ह… माँ… उउउ… अअअ…” की सिसकारियां लेने लगी। पुनीत ने उसके सूट को कमर तक उठाया और उसकी ब्रा को ऊपर खींच दिया। पल्लवी की 34 की चूचियां नंगी हो गईं। “New Free Chudai Story”
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : कमसिन कुंवारी लड़की की गुलाबी चूत
“वाह, क्या माल है तेरी बेटी!” पुनीत ने हंसते हुए कहा। वो पल्लवी की चूचियों को मसलने लगा। पल्लवी अभी भी नींद में थी, लेकिन उसे मज़ा आने लगा था। “आह्ह… उउउ… सी सी सी…” वो सिसकारियां ले रही थी। तभी उसकी नींद खुल गई। “अंकल, ये क्या कर रहे हो?” उसने हैरानी से पूछा।
“बेटी, आज तुझे जन्नत दिखाऊंगा,” पुनीत ने कहा और उसकी चूचियों को फिर से मसलने लगा। पल्लवी को मज़ा आने लगा। वो “आह्ह… और जोर से, अंकल… अई अई…” कहने लगी। मैं ये सब देखकर टेंशन में थी। मैंने पुनीत की शर्ट पकड़कर उसे खींचने की कोशिश की। “छोड़ दे मेरी बेटी को, पुनीत! मेरे साथ जो करना है कर!” मैं चिल्लाई।
पुनीत ने गुस्से में मेरे गाल पर एक चांटा जड़ दिया। “साली रंडी, चुपचाप देख! वरना और मार खाएगी!” उसने मुझे धमकाया। मैं डर के मारे चुप हो गई।
पुनीत ने पल्लवी का सूट पूरी तरह उतार दिया। अब वो सिर्फ ब्रा और सलवार में थी। उसने उसकी ब्रा भी उतार दी, और पल्लवी की चूचियां पूरी तरह नंगी हो गईं। वो एकदम कसी और मुलायम थीं, जैसे ताजे पपीते। पुनीत ने उसके निप्पल्स को मुंह में लिया और चूसने लगा। पल्लवी “आह्ह… उउउ… अई अई… मम्मी… सी सी सी…” की सिसकारियां ले रही थी। वो अब पूरी तरह चुदासी हो चुकी थी। “New Free Chudai Story”
“अंकल, और चूसो… बहुत मज़ा आ रहा है,” पल्लवी ने कहा। पुनीत ने उसकी चूचियों को 15 मिनट तक चूसा, फिर उसकी सलवार खोल दी। पल्लवी की गुलाबी पैंटी में उसकी चूत की शेप साफ दिख रही थी। पुनीत ने उसकी पैंटी उतार दी, और पल्लवी की चूत सामने आ गई। वो बिल्कुल लाल और रसीली थी। पुनीत ने उसकी चूत को सूंघा और कहा, “क्या मस्त चूत है, पल्लवी। एकदम कुंवारी।”
वो उसकी चूत को चाटने लगा। उसकी जीभ पल्लवी की चूत के दाने को रगड़ रही थी, और पल्लवी “आह्ह… उउउ… माँ… अई अई… सी सी सी…” की सिसकारियां ले रही थी। पुनीत ने उसकी चूत में जीभ घुसा दी, और पल्लवी के कूल्हे हिलने लगे। “आह्ह… अंकल… और चाटो…,” वो चिल्लाई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
20 मिनट तक पुनीत ने उसकी चूत चाटी, फिर उसने अपनी पैंट उतारी। उसका 10 इंच का लंड पूरी तरह तन चुका था। “पल्लवी, मेरे लंड को चूस,” उसने कहा। पल्लवी ने हैरानी से उसके लंड को देखा। “बाप रे, अंकल! ये तो बहुत बड़ा है!” उसने कहा।
“चूस, बेटी। तुझे मज़ा आएगा,” पुनीत ने कहा और अपना फोन निकालकर एक ब्लू फिल्म चला दी। पल्लवी ने वीडियो देखा और सब समझ गई। उसने पुनीत के लंड को हाथ में लिया और हिलाने लगी। “आह्ह… सी सी सी… हा हा…” पुनीत सिसकारी। पल्लवी ने उसके सुपारे को चाटा, फिर पूरे लंड को मुंह में ले लिया। वो बिजली की रफ्तार से लंड चूस रही थी, और पुनीत “उउउ… सी सी सी… और चूस, बेटी…” कह रहा था। “New Free Chudai Story”
कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : मेरी चुद्दकड़ बीवी को रँगे हाथों पकड़ा
पल्लवी ने उसके लंड को थूक से गीला किया और मुंह में लेकर चूसने लगी। पुनीत को जन्नत का मज़ा आ रहा था। 15 मिनट तक पल्लवी ने उसका लंड चूसा, फिर पुनीत ने कहा, “चल, कुतिया बन जा।”
पल्लवी ने अपनी पैंटी उतार दी और घोड़ी बन गई। पुनीत ने उसकी चूत को फिर से चाटा, फिर पीछे से अपना 10 इंच का लंड उसकी चूत में घुसा दिया। “आह्ह… माँ… अई अई… धीरे, अंकल!” पल्लवी चीखी। पुनीत ने उसकी कमर पकड़ी और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। “फट फट फट…” की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी। पल्लवी “आह्ह… उउउ… अई अई… माँ… सी सी सी…” की सिसकारियां ले रही थी।
“फाड़ दो मेरी चूत, अंकल! जैसे मम्मी को पेलते हो, वैसे मुझे चोदो!” पल्लवी चिल्लाई। पुनीत ने उसके बाल पकड़े और और जोर से धक्के मारने लगा। उसकी चूत टाइट थी, और पुनीत का लंड उसे चीर रहा था। वो 25 मिनट तक पल्लवी को चोदता रहा, और फिर उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया। अब पुनीत जब भी आता है, वो मुझे और पल्लवी दोनों को चोदता है। हम दोनों उसकी रंडी बन चुकी हैं।
Rakesh says
Allahabad Banaras Lucknow Uttar Pradesh se koi girl lady bhabhi aunty hai jo Kale Mote lund se chudna chahti hai to mujhe msg kro. Sab kuch safe and secret rahega. WhatsApp 9455458955 telegram @ajay705