Muslim Bro Sis Sex
हेलो दोस्तो मेरा नाम दीपक है मे अहमदाबाद गुजरात का रहने वाला हू. लेकीन ये काहानी मेरे एक मुस्लिम दोस्त का है उसने अपने नाम ना बताने के शर्त को रखते हुए मुझे अपनी कहानी लिखने को बोला. तो दोस्तों मेरे दोस्त का एज 2o साल है और उसका पंचर का दुकान है जहा उसका पिता और वो साथ काम करते उसका घर सिटी से दूर है. Muslim Bro Sis Sex
उसके फॅमिली मे उसकी दो बहन और उसकी अम्मी यानी टोटल तीन लड़किया है उसकी बड़ी बहन नाम फातिमा जिसकी एज 25 साल हैं और दुसरी बहन सानिया जिसकी एज 18 साल और तीसरी उसकी अम्मी जिनकी उम्र 40 की है.
लेकिन अभी दो साल पहले फातिमा की निकाह यानी की शादी हो गई हैं लेकिन फातिमा को कोई बच्चा नही हो रहा था जिसके कारण उसका जीजा दुबई से घर आया. और काफ़ी दिन घर रहा फ़िर भी कोई बच्चा नही हुआ तभी उसकी अम्मी फातिमा को फोन करके अपने घर बुला ली और बोली की उनके गाँव में एक फकीर बाबा है जो भी उनके पास जाता है उसकी खवाईस पुरी होती हैं फातिमा अपने पति को सब बताती हैं.
और वो दोनों वहा चले जाते हैं और एक महीने तक रहते है अब एक पंचर वाला कितना कमायेगा जो कि आदमी ज्यादा थे ईस कारण पैसे की तंगी हो गई थी और सभी परेसान थे. करीब करीब दो महीने होने वाले थे एक दिन फातिमा अपने पति से बोलती हैं की मुबारक हो आप अब्बु यानी की बाप बनने वाले हैं.
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अब सभी घर के सदस्य खुश थे करीब दो दिन बाद फातिमा के पति को दुबई से फोन आता है जो कि उसका एक दोस्त किया था और उसकी बात हुई और सबसे उसने बोला की मैंने जिस कम्पनी में काम करते थे उसमें पंचर का आदमी चाहिये सभी ने राय बिचार किए और मेरे दोस्त के अब्बु और उसका जीजा दोनों 2 साल के लिये चले गए.
करीब 20 दिन बाद फातिमा की अम्मी आ गई पर ये बात सिर्फ फातिमा ही जनती थी फातिमा किसी को कुछ नही बताई लेकिन अभी सभी लोग बहुत खुस थे. की अब पेसो की आमदनी भी हो गई और फातिमा माँ भी बनने वाली हैं लेकिन एक दिन अब आगे की कहानी मेरे दोस्त के जुबानी सुने.
दोस्तों एक दिन मेरे घर जाते ही मेरी बहन फातिमा ने मूझे गले लगा लिया. ओर बोली भाई जान मेरी मदद करो नही तो हम कही के नही रहूँगी. मुझे भी बहुत अच्छा फील हुआ, क्यों की फातिमा एक जवान और खूबसूरत औरत थी लेकिन मैं फातिमा को अपने सीने से अलग करते हुए कहा दीदी जान आखिर हुआ क्या बतावो तो सही.
तभी फातिमा मेरे से दोबारा गले लिपट गइ मैं फिर से पूछा तब धीरे से फातिमा दीदी बोली नही भाई कुछ दिक्कत नही हुई है पर एक प्रॉब्लम हो गई है फातिमा मेरे से अलग होते हुए बोली. तभी अम्मी मेरे लिए जूस लेके आई, मैने जूस पीने लगा तभी फातिमा अपने कमरे में चली गई.
फिर अम्मी ने ने मेरे हाथ से खाली ग्लास ले ली और मुझे रेस्ट करने को बोलकर चली गयी उन्हे कुछ काम था तो अम्मी बाज़ार चली गईं. मे भी फ्रेश होने बाथ रूम चला गया. मैंने फातिमा की बात भुल गया और फ्रेश होने के बाद अपने रुम में सो गया करीब आठ बजे रात को मुझे सानिया जगाई बोली भाई जान चलो खाना खाने.
हम सबने खाना खाया उसके बाद मे आदत से मजबूर छत पे चला गया और सिगरेट पीने लगा गाँव में शांति भरे महॉल का मज़ा लेने लगा. तभी वहा पे फातिमा दीदी आती है और मुझे सिगरेट पीते देख बोली क्या बात हैं भाई जान सिगरेट पी रहे हो, 2 कश मुझे भी पीला दो.
मैं : लो दीदी जान आप भी पी लो.
फातिमा दीदी मेरे हाथ से सिगरेट.. ली और एक कस लेते हुए बोली भाई जान मैं आपसे कुछ कहना चाहूंगी तभी मैं फातिमा की हाथ से सिगरेट लिया और एक जोड़दार कस लेते हुए कहा दीदी जान आज तो सही में सिगरेट पीने का मज़ा दोगुना आ रहा है और हम दोनो हसने लगे और मैने फिर सिगरेट फातिमा दीदी को देने लगा.
फातिमा दीदी : सिगरेट का कश लगाते हुए बात करने लगी, भाई तूने बढ़िया बॉडी बना लिया, अब जवान हो गया है.
फातिमा दीदी बहुत खुले विचारो वाली लड़की थी. उसके मेरे बारे मे सब पता है मुझे. मैने फातिमा दीदी की हेल्प से अपनी मामी और खाला की लड़की के साथ सेक्स किया था जिसमे फातिमा दीदी मेरी मदद की थी लेकिन मैं फातिमा दीदी से कहा दीदी जान आप भी कोई कम नही हो मैंने दीदी के बूब्स और गांड पे इशारा करके बोला.
फातिमा : क्या करे भाई आपके जीजा की मेहरबानी है.. और वो हँसने लगी.
मैंने दीदी की कमर देखते हुए कहा लगता है : कुछ ज़्यादा ही मेहरबान है.. मे भी हँसने लगा.
फातिमा : बता तेरा क्या चल रहा है? मे उदास चेहरा बना के फातिमा दीदी के सामने देखने लगा.. फातिमा : मुस्कुराते हुए कोई नही अभी है तो यहा कोई सेट करले वैसे भी तूने मामी और खाला की लड़की को कहा बाकी छोरा है और मुस्कुराने लगी.
मे : लेकिन अभी तो कोई आने वाली हैं नही सीवाए चाची की लड़की की दीदी जान क्या आप मेरी मदद करोगी.
तभी फातिमा दीदी बोली भाई जान आखिर अब मैं क्या करूँगी तभी मैं फातिमा दीदी को बोला दीदी जान आप एक औरत हो आप बात करोगी तो चाची जान को शक नही होगा.
फातिमा : भाई जान मैं सुबह जब आपसे कुछ कहना चाहती थी तब तो आपने मेरी सुना नहीं.
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तभी मुझे याद आया और फातिमा दीदी से माफ़ी माँगते हूए बोला दीदी जान मैं सुबह भुल गया अभी बता दो क्या हुआ तब दीदी बोली भाई जान आज मेरी अम्मी आ गईं लेकिन सभी को खबर है की मैं पेट से हूँ अगर आप बुरा ना मानो तो मैं तुम्हारे बच्चों की माँ बनने को तैयार हूँ .और फातिमा दीदी अपनी नज़रें नीचे कर ली.
मे :फातिमा दीदी की हाथ पकड़ा और बोला दीदी जान आखिर आपने मेरी मदद की हो तो मेरा भी फर्ज बनता है.
लेकिन तभी फातिमा दीदी बोली भाई जान लेकिन मेरी एक शर्त हैं.
में : बोलो दीदी जान क्या शर्त हैं मैं सब शर्त मानूँगा.
फातिमा दीदी बोली भाई जान मेरी शर्त ये है की जब तक मेरी पेट में बच्चा नही रुके तब तक तुम मुझे चोद सकते हो लेकिन मेरी पेट में बच्चा रुकने के बाद तुम मुझे कभी नहीं चोदोगे.
मे : ठीक है दीदी जान मुझे सब मंजूर हैं.
मैंने फातिमा दीदी की हाथ पकड़ के धीरे से अपने लंड पर रखते हुए कहा दीदी जान पहले एक बार मेरा लंड चुस लो. तभी फातिमा बोली मैंने पहले ही बोली थी ना मैं लंड चुसूँगी और ना चूत चुसऊँगी मुझे बस अपने पेट से रह जाऊँ उसके बाद हम दोनो भाई बहन के तरह रहेंगे.
फिर में दीदी की हाथ पकड़ के एक चूमी देतेहुए बोला दीदी जान पहले आप ये बतावो तुम मुझे परेशान तो नहीं कर रही हो इतना सुनते ही फातिमा दीदी अपनी नाडा खोलने लगी. देखते ही देखते दीदी जान नीचे से नन्गी हो गाई और मेरे लोवर को पकड़ के मुझे भी नीचे से नंगा कर दी और बोली भाई जान अब सुरु करो लेकिन हा अपना शर्त भूलना मत.
मैं भी जोश में था मैन्र मैंने फातिमा दीदी की एक पैर हवा में उठा लिया और खड़े खड़े दीदी की चूत में लंड पेल दीया. दीदी चीहुक गईं शायद जीजा का नुनी छोटा होगा और मेरा करीब करीब 8inch था. फातिमा दीदी चीहुक चीहुक के अपनी बदन कसमसाती रही.
मैं लंड को दीदी जान के चूत में घुसाये थोड़ी देर तक दीदी की बूब्स सहलाता रहा तभी फातिमा दीदी अपनी कमर धीरे धीरे हिलाने लगी. देखते ही देखते दीदी जोर जोर से अपनी कमर हिलाने लगी मैंने भी फातिमा दीदी की कमर पकड़ के जोर जोर चोद ने लगा.
सच में दोस्तों फातिमा दीदी की चूत बहुत टाइट था मैंने अधिक से अधिक दीदी की chudai चालीस मिनट किया तभी फातिमा दीदी झर गई और मेरे ओर देखते ही सर्मा गई. मैंने फातिमा दीदी की चूत चोद ते हूए बोला दीदी जान अब मेरा भी आने वाला है और जोर जोर से चार पाँच धक्का लगाया और सारा वीर्य फातिमा दीदी की चूत में डाल दीया.
दीदी जान भी दोबारा मेरे साथ झड़ गई और हम दोनो भाई बहन एक दूसरे से चिपकें खरा रहे करीब पाँच मिनट बाद फातिमा दीदी की चूत से मेरा लंड निकल गया और हम दोनो भाई बहन अपने अपने कपड़े पहने और समय देखें तो सात बजे साम से 9 बज गये थे.
हम दोनो नीचे आयें तभी सानिया बोली दीदी जान खाना तैयार हैं और भाई जान जान कहा गये उनको भी बुला लो. अब अम्मी फातिमा दीदी और सानिया साथ में बैठ कर खाना खाया और उसके बाद फातिमा दीदी और मैं फिर से छत के ऊपर बिस्तर लेकर चले गए.
अम्मी और सानिया नीचे रुम में सो गइ थोड़ी देर तक नीचे से अम्मी और सानिया की आवाज़ आती रही लेकिन एक घंटा बाद दोनों सो गइ उसके बाद चालु हुआ हमारा काम. दोस्तों फातिमा दीदी सिर्फ नाईटी पहनी हुई थी जैसे ही नीचे से आवाज़ आना बंद हुआ फातिमा दीदी अपनी नाईटी उतार फेंकी और मेरे ऊपर चढ़ गई.
मैंने भी लुंगी पहना था फातिमा दीदी मेरे पेट पर बैठ कर मेरा लुंगी खोली और मेरे खरे लंड पर चूत सेट कर के पूरा अपनी चूत में घुसा ली और बोली भाई जान पहले मुझे चोद लेने दो उसके बाद आप जीतना मर्जी उतना चोद लेना आज की रात मेरी चूत आपकी अमानत है बस मुझे मा बना दो आज मेरी एमसी आई है अगले महीने नही आना चाहिए बस एक महीने हैं आपके हाथ में.
मैंने फातिमा दीदी की कमर पकड़ के नीचे से धक्का लगाया और बोला दीदी जान अब ये जिम्मेदारी मेरा हैं आज पहली बार ऐसा मोका मिला है की लड़की की चूत में वीर्य डाल सकता हूं और वो भी अपनी बहन की चूत में नही तो पहले तो बाहर ही निकलना पड़ता था.
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फातिमा दीदी अपनी कमर हिलना जोर जोर से चालू कर दी मैं भी नीचे से दीदी जान को पूरा सपोट कर रहा था. फातिमा दीदी जब भी अपनी कमर आगे करती तभी मैं लंड को ऊपर उठा के पूरा दीदी जान की चूत में पेल देताआ दीदी और मैने इतना जोस में थे की अगर छत ना होती तो आज पलंग ज़रूर टूट जाता.
करीब करीब 15 मिनट बाद फातिमा दीदी उस आह भ्हाय अह्ह्ह उह्ह्ह्ह अलह्ह्ह करते करते झर गई और मेरे ऊपर लेट गई मैंने भी दीदी जान को कस के दबाते हुए होथ से होठ लगा दिया और चुसने लगा मेरा लंड अभी झड़ा नही था जिसके कारण दीदी जान की बचेदानि में ठोकर मार रहा था. “Muslim Bro Sis Sex”
दीदी जान अभी अभी झड़ी थी जिसके कारन फातिमा दीदी सुस्त थी लेकिन जैसे जैसे मैंने दीदी जान के बचेदानि में लंड रगड़ना सुरु किया वैसे वैसे दीदी मेरे होठ चुसना चालू कर दी दोस्तों आज पहली बार मुझे चूत चोद ने में इतना माँजा आरहा था फातिमा दीदी भी मेरा भरपूर साथ दे रही थी.
मेरा लंड जीजा के लंड से बड़ा था जिसके कारण फातिमा दीदी को ज्यादा मजा आ रहा था दीदी जान मेरे होठ को चुसते चुसते कटने लगी मैंने भी लंड का झटका जोर जोर से आगे पीछे यानी की दीदी की बचेदानि में पेलने लगा अब दीदी जान पूरा जान लगा के मेरे होठ अपनी दाँतों में दबा ली और दोबारा झड़ गई.
अब मैं भी झरने वाला था मैंने फातिमा दीदी की गाँड को पकड़ के एक जोड़दार झटका दीया और सारा वीर्य फातिमा दीदी की चूत में उड़ेल दीया और एक पैर दीदी जान की कमर में डाल के उनके मुह में अपना जीभ डालने लगा.
तभी फातिमा दीदी मेरे साथ चिपकी और मेरे होठ को अपनी दाँतों से बाहार कर दी मैं अपना जीभ बाहर तक कर दीया था तभी फातिमा दीदी मुस्कुराते हुए मेरे जीभ को अपने मुँह में डाल के दो तीन बार चुसी और धीरे से छोड़ते हुई बोली भाई जान क्या स्टैमिना है और सर्मा गई सएद जोस जोस में दीदी जान बोल गइ. “Muslim Bro Sis Sex”
मैंने फातिमा दीदी की एक बूब्स सहलाते हूए बोला दीदी जान अब क्या सर्मा रही हो अब तो एक महीना रोज़ करना है दीदी जान पहले तो मुस्कुरा दी और बोली भाई जान तुम्हारा लंड अभी भी मेरी बचेदानि में चुभ रहा हैं अब तो निकाल ले.
मैंने फातिमा दीदी की बूब्स जोर से दबाते हूए बोला दीदी जान पहले आपकी बचेदानी मेरा सरा वीर्य सोख ले उसके बाद ही लंड निकलूँगा यही तो सही मोका हैं आपको मा बनाने का अभी एक सप्ताह आपकी बचेदानि का मुँह खुला रहेगा जीतना मार्जि उतना वीर्य अंदर ली एक सप्ताह बाद तो बस चूदन का मज़ा लेंगे.
दीदी जान जोर जोर से हँसने लगी और बोली भाई जान इतना कब से जनने लगे इतना बोलते ही फातिमा दीदी मेरे ऊपर से उतर गईं और मेरे लंड को अपनी नाई टी से साफ़ कड़ी और मेरे गाल पर एक जोड़दार चुंबन करके पेसाब करने चली गई.
थोड़ी देर बाद दीदी जान आई और मेरे बगल में लेट गई मैंने धीरे से पूछा दीदी जान मेरा सब मेहनत आपने बर्बाद कर दी दीदी जान मेरे लंड पर हाथ रखते हुए बोली वो कैसे भाई जान मैंने फातिमा दीदी से बोला दीदी जान मैं इतना देर से पेल पेल के सारा वीर्य बचेदानि में डाला और आपने पेसाब करके सब निकाल दी.
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तभी फातिमा दीदी जोर से हँसी और मेरे लंड को दबाते हुए बोली भाई जान ये तुम्हारा लंड नही हो जो एक ही जगह से पेसाब करो और वाही से वीर्य निकालो औरत की चूत में दो छेद होती है जहा तुम चोद रहे थे ठीक उसके ऊपर एक और छेद होती हैं मेरी उस छेद में तुम्हारा लंड घुसेगा नही और जहा घुसेगा वहा से सिर्फ एमसी आती है सुसु नहीं. “Muslim Bro Sis Sex”
इतना सुनते ही मेरा लंड फिर से पूरा खड़ा हो गया मैं दीदी जान को दीदी जान पीछे घूमो दीदी चौकते हुई बोली भाई जान शर्त याद हैं या चूत ले ली तो सब भूल गए.
मैंने फातिमा दीदी की चूत पर हाथ लगाते हुए कहा दीदी जान जिसके सामने इतनी टाइट चूत हो वो गाँड क्यू मारेगा और ऊपर से एक जिम्मेदारी और हो की सात दिन में मा बनाने का तो वीर्य खराब कौन करेगा दीदी जान मुझे शर्त याद है लेकिन मैं सिर्फ पोजिशन चेंज करने को बोल रहा हूँ.
दीदी सुनते ही सर्मा गई और मुस्कुराते हुए मेरी ओर अपनी गाँड घुमा के उलटा करवट कर ली मैं फातिमा दीदी की चूत में एक उंगली घुसा कें जोर जोर आगे पीछे किया तभी फातिमा दीदी बोली भाई जान उंगली से मई मा नही बनूँगी जिससे बनूँगी वो डालो मैंने बीना देरी किए दीदी जान की एक पैर चांद के तरफ़ ऊपर उठा दीया और लंड को जोड़दार तरीके से चूत में पेल दीया.
दीदी जान छटपटाने लगी मई पूरा लंड घुसा के एल बन गया और जोर जोर से पेलने लगा अभी 10minat हुआ होगा तभी मेरी जाँघ पर तेज़ धार के साथ गरम गरम कुछ निकल ने लगा मेरा लंड दीदी जान की चूत में पूरा अंदर बाहर कर रहा था लेकिन अभी भी मेरे पेट पर गरम गरम तेज़ धार आता रहा.
मैं कुछ समझ पता तभी फातिमा दीदी चीलाने लागी भाई जान गईं उह्ह्ह अळाआ ओअल्ल अब मेरे लंड को भी फातिमा दीदी की चूत का रस मिलने लगा तभी फातिमा दीदी काँपने लगी मैंने दीदी जान की हालत देखकर हैरान रह गया की जो औरत दो साल से अपने पति के साथ रहती थी वो इतना कैसे छटपटा रही हैं. “Muslim Bro Sis Sex”
मैंने फातिमा दीदी की पैर को पकड़ के लंड बचेदानि तक पेले रखा करीब 10 मिनट बाद फातिमा दीदी बोली भाई जान अब बाहार निकल लो अब नही सह सकती हूँ मैंने दीदी जान को धीरे धीरे सहलाने लगा पुचकारने लगा की दीदी जान आपकी तो हो गईं बस पाँच मिनट और करने दो मेरा झड़ते ही छोर दुन्गा.
बहुत सहलाने के बाद फातिमा दीदी बोली जल्दी करो दोस्तों बीस मिनट घमासान चोद ने के बाद दीदी जान तीन बार झर गई और अब मेरा भि झरने वाला था तभी फातिमा दीदी भी झर गई हम साथ में झर गये अब कुछ देर बाद जब मेरा लंड दीदी जान की चूत में बाहार निकला.
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तभी मुझे पेसाब लगा मेरा लुंगी पूरा पानी से गीला हो गया था जब मैं फातिमा दीदी की ओर देखा तभी दीदी जान बोली भाई जान मैं क्या करूँ तुमने ही तो मूता मूता के चोद रहे हो आज तब तुम्हारा जीजी को इतना जोस में कभी नहीं देखि और ऊपर से तुम्हारा लंड भी बड़ा था लेकिन अभी एक महीना हैं रोज़ रोज़ करने पे आदत हो जायेगी. “Muslim Bro Sis Sex”
दोस्तों फातिमा दीदी ऐसे बोल नहीं रही थी जैसे वो मुझे सफ़ाई दे रही हो लेकिन दीदी तो दीदी होती है आखिर कार दीदी और मैने उस रात 6bar चोद ने के बाद हम सो गये अगली सुबह जब दीदी लंगड़ा के चल रही थी तो अमी और सानिया दोनों परेशान हो गईं और अम्मी ने मुझे जगाई और बोली की दीदी जान को रात में सीढ़ी पर मोच आ गईं हैं.
मैंने जल्दी से फातिमा दीदी के पास गया और जैसे ही दीदी जान की आंख में आँख मिली दीदी जान एक आँख दबा दी मैं मुस्कुराते हुए दीदी जान के साथ सट्ट के बैठा और धीरे से पूछा दीदी जान कोणडोम लेते आऊँगा दीदी जान बाली अपनी शर्त भूलना मत और जा दर्द का दावा ले आना तो दोस्तों मई अभी दवा लेने चला गया अब दुसरी रात क्या होगा मई भाग 2me लिखूँगा.
दोस्तों आपको ये Muslim Bro Sis Sex की कहानी मस्त लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………………..
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