Suhagrat Girl Sex Kahani
मेरा नाम किस्मत है। मैं अपने माता पिता की इकलौती औलाद हूं। मेरे माता पिता औलाद के लिए तरस गए लेकिन शादी के बारह साल बीत गए लेकिन औलाद नहीं हुई। एक दिन मां खाना बनाते बनाते चक्कर आकर गिर गई। उन्हे जल्दी से अस्पताल ले जाया गया। Suhagrat Girl Sex Kahani
उनकी जांच पड़ताल के बाद डॉक्टर ने जो बताया वो सुनकर सब के होश उड़ गए। पापा तो खुशी से पागल हो गए। वो बाप जो बननेवाले थे। समय आने पर मेरी मां ने मुझे जन्म दिया। गोरी चिट्टी खूबसूरत बच्ची को देखकर मां और पापा फूले नहीं समाए
किस्मत से उन्हें औलाद हुई थी इसलिए मेरा नाम उन्होंने किस्मत रखा। जब मैं केवल सोलह साल की थी मेरे लिए रिश्ते आने लगे। उमर कम होने के कारण उन्हें पापा मना करते गए। इस तरह दो साल गुजर गए। जब मैं अठारह साल की हुई तब मेरे विवाह की सोचने लगे।
लेकिन लगातार मना करने के कारण तब तक रिश्ते आने बंद हो गए थे। इसलिए जब मेरे ससुराल से रिश्ता आया उन्होंने बिना सोचे समझे हां कर दी। मेरे ससुरालवालों ने शादी में एक भी पैसा खर्च नही किया। मेरे पापा ने खुशी खुशी पूरा खर्चा किया।
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मुंह मांगा दहेज भी दिया। ससुरलवालों की हर फरमाइश पूरी की। मेरी बिदाई हुई और मैं ससुराल आ गई। लेकिन मेरे किस्मत में पति का प्यार नही था। वो किसी और को चाहते थे लेकिन घरवालों ने उनका विवाह मुझ से जबरदस्ती करवाया।
शादी की पहली रात को मुझे बिना छुए घर से निकल कर अपनी प्रेमिका के साथ सुहागरात मनाने चले गए। मैं रात भर रोती रही। मेरे ससुरालवालों ने मेरे मायके की दी हुई हर एक चीज एक कमरे में सहेज कर रखी । वो सब चीजे मेरी ननद के शादी में उसे देनेवाले थे।
शादी के लिए दहेज के लिए पैसे जमा करने थे। मुझे मेरे पापा से पैसे वसूल करने के लिए परेशान करने लगे। मेरे मना करने पर मेरी सास ने मुझे एक कमरे में बंद कर दिया। और दिनभर ना खाना दिया ना पानी। रात को मेरी सास ससुर कमरे में आए। दोनो ने मिलकर मेरे पूरे कपड़े उतार दिए।
मैने अपने आप को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन दोनो के सामने मैं हार गई। मेरे ससुर ने मुझे बिस्तर पर पटका। और दोनो हाथो से मेरी टांगें फैला कर उनका मोटा चौडा लन्ड मेरी कुंवारी चूत में पेल दिया। दर्द के मारे मेरी चीख निकल गई। मैं रोने लगी।
हाथ जोड़कर विनती करती रही की मुझे बहुत दर्द हो रहा है। लेकिन उन्हे दया नही आई। मेरे ससुर ने उनका वीर्य मेरी चूत में गिरा दिया। मेरे खून से सना लन्ड जब मेरी चूत से निकाला तब वो बड़े खुश हुए।
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“बहू ,अब मैंने तुम्हारी चूत की सील तोड़ दी है तो आज से तुम मेरी रण्डी बन गई हो।”
उस रात मेरे ससुर ने रात भर मुझे जम कर चोदा।
सुबह मेरी ननद ने पूछा, “भाभी आप ऐसी अजीब सी क्यों चल रहीं हो?”
“रात भर तेरे बापू से चुदवाती रही है उसका नतीजा है। कल रात मैने इसे रंगे हाथ पकड़ा है। जब तक इस के चूत की आग ठंडी नहीं हुई, ये तुम्हारे बापू से चुदवाती रही। रात देर तक जब ये सोने नही आए तो मैं इन्हें ढूंढने लगी। ऊपरवाले कमरे का दरवाजा थोड़ा खुला दिखा। कमरे की बत्ती भी जल रही थी।“
“बत्ती बुझाने मैं ऊपर गई तो मैने देखा कि ये रण्डी बेशर्मी से अपने ससुर से चुदवा रही थी। मुझ से देखा न गया। तो मैं अपने कमरे में आ कर सो गई। ये जब सुबह आए तब इतने थके हुए थे कि सो गए और अबतक सो ही रहे है। और ये महारानी टांगे फैलाकर चल रही है।”
मेरी सास की बातें सुन मेरे देवर ने कहा, “भाभी अगर आप के चूत में इतनी खुजली हो रही थी, तो मुझ से चुदवाती। क्यों पापा को इस उमर में थकाती हो। और अगर मुझ से भी आप के चूत की आग ठंडी ना हुई तो मेरे दोस्तों से चुदवा लेना। उनके पैसे जो रंडीखाने में खर्चा होते है वो भी बच जायेंगे और आप को भी जी भर के चुदाई का मजा मिलेगा।”
“अरे पागल हो गया क्या। दोस्तो को क्यो मुफ्त में चोदने देंगे। जो पैसे रण्डी को देते है उससे कम लेकर इसे चोदने देंगे। कम से कम घर का खर्चा तो आराम से चलेगा।” मेरी सास ने देवर से कहा।
देवर को सासू मां की बात पसंद आ गई। वो बोला,” मां पहले मैं तो चोद कर देख लूं कि भाभी के चूत में कितना दम है। फिर दोस्तों से चुदवाऊंगा।”
नाश्ता करके जब सब चले गए तब सास ने पूछा, “क्यों बहू, कल रात से कुछ सबक सीखा या नहीं। अगर सीखा है तो अपने बाबूजी से दस हजार लेकर आ जाओ।”
मैं पापा के घर गई तब उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास सिर्फ तीन हजार है। बाकी के सात कल ले जाना। मैने तीन हजार सासू मां के हाथ में रखे और पापा ने जो कहा वो बता दिया। ये सुनते ही वो भड़क गई और ससुर जी को सारा किस्सा बढ़ा चढ़ा कर बोली। और कहा आज इस रण्डी को अच्छा सबक सिखाओ।
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उस रात मेरी सास, मेरे ससुर और देवर मेरे कमरे में आए। मेरे सास ने दरवाजा बंद कर दिया। ससुर ने मेरे कपड़े उतारकर नंगा किया। और बिस्तर पर लिटा कर मेरे चूत में अपना लन्ड डाल दिया। अचानक चूत में लन्ड डालने के कारण मुझे बहुत दर्द हुआ।
लेकिन ससूर जी पर मानो जवानी छा गई थी। वो आधा घंटा चोदने के बाद वो मेरी चूत में झड़ गए। जैसे ही उन्होंने मेरी चूत से लन्ड बाहर निकाला, मेरे देवर ने उसका खड़ा लन्ड मेरी चूत में पेल दिया और जम कर चोदने लगा।
ससुर जी ने मेरी चूत में जो पानी छोड़ा था उस कारण देवर के चोदने से ज्यादा तकलीफ नहीं हुई। बीस मिनिट बाद वो भी मेरी चूत में झड़ गया। तब तक ससुर का लन्ड तन कर खड़ा हो गया। वो मेरे ऊपर चढ़कर फिर से चोदने लगे।
मेरी सास ने कहा, “मैं सोने जा रही हूं। इस रण्डी को रातभर इतना चोदो की कल ये खड़ी न होने पाएं।”
दोनो बारी बारी मुझे चोदते रहे। थकान के कारण और आठ इंच लंबे और चार इंच चौड़े ससुर और देवर के लन्ड ने मेरी चूत की जो तबाही मचाई उस कारण मैं बेहोश हो गई, लेकिन उन्हे दया न आई। हैवानी हवस में आकर उन दोनो ने ने चोद चोद कर मेरी चूत का भोसड़ा बना डाला। दूसरे दिन मै बड़ी मुश्किल से चल पा रही थी। “Suhagrat Girl Sex Kahani”
“देख लिया ना बहू हमसे गद्दारी करने का नतीजा?”
तभी मेरे पापा आए और उन्होंने बचे हुए सात हजार मेरे सास के हाथ में दिए।
जब उन्होंने मुझे लंगड़ा कर चलते देखा तो परेशान होकर पूछा, “बिटिया क्या हुआ? कल जब घर से गई तो ठीक थी ।आज क्यों लंगड़ा रही हो? “
“आज सुबह बाथरूम में उस का पैर फिसल गया।” मेरी सास ने कहा।
“ज्यादा चोट तो नही आई न बिटिया?”
“नही, नही, सिर्फ जांघ लचक गई है। तेल से मालिश कर दूंगी तो ठीक हो जाएगी।” सासू मां ने कहा।
“आप इतना ख्याल रखते हो मेरी बिटिया का ये जानकर मुझे बहुत खुशी हुई।”
“अरे मुझ से ज्यादा बहू का खयाल तो ये रखते है, है ना जी?” मेरी सास ने ससुर जी से पूछा।
“मैं तो बहू को खुश रखने का हरदम प्रयास करता हूं। मुझ से खुश तो हो ना बहू?” ससूर जी ने पूछा।
मैने हां में गर्दन हिला दी।
इतने में देवर ने आकर पकड़ लिया और कहा, मैने भी तो खयाल रखा है आप का। सही कहा न भाभी।”
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मैने फिर से हां में गर्दन हिला दी। और करती भी तो क्या। मेरे पापा की आंखे खुशी से भर आई । उन्होंने कहा, मेरी चिंता मिट गई है। आप लोग ऐसे ही मेरी बिटिया का खयाल रखिए। उन्होंने आंसू पोछते हुए कहा।
जैसे ही पापा चले गए मेरे ससूर जी ने कहा, “बहू तेरे पिताजी ने तो स्वयं हमे तुम को चोदने का लाइसेंस दे दिया है। सुना नही तुमने उन्होंने कहा है, “मेरी बेटी का ऐसा ही खयाल रखो। और तुम्हे तो मालूम है हमने कैसा खयाल रखा।”
मैं क्या बताती पापा को कि सात हजार देरी से देने के कारण उन के बेटी ने कितनी बड़ी कीमत चुकाई है। उस दिन के बाद ससुर जी मेरे ही कमरे में सोने लगे। और रात भर मेरे चूत का मजा लेने लगे। अब तो मुझे भी ससूर जी से चुदवाना बहुत अच्छा लगने लगा है।
वो मेरे कपड़े उतारते। फिर मेरे मम्मो को सहलाते। मेरे चूचियों को चूसते। जब वो चूची चूसते तब दो उंगलियां मेरे चूत में डालकर पहले धीरे धीरे अंदर बाहर करते फिर उन्हे गोल गोल घुमाते। बाद में जल्दी जल्दी हाथ चलाते।
जब उंगलियां पूरी चूत के अंदर जाती तो हाथ का पंजा मेरी चूत से टकराता है, तो फट फट की आवाज आती है। मानो उन का हाथ और मेरी चूत मिलकर ताली बजा रहे हो। जब जोर जोर से उंगलियां चलाते तो फट फट की आवाज कमरे में गूंजने लगती।
जब चूत गीली हो जाती है तो वो फच फच आवाज करने लगती है। जिसे सुनकर ससूर जी लन्ड और तन जाता। उंगलियां चूत में पूरी अंदर घुसाने के बाद वो उन्हें ऊपर की ओर दबाते है ,तब मेरा पानी चूत से फव्वारे जैसा छूटता है। ये देख कर वो खुश हो जाते है। बार बार इसे दोहराते और चूत से छूटने वाले फव्वारों को देखकर वो मुस्कुराते है।
वो कहते है, ” ये क्या बात हुई बहू? अभी तक मेने मेरा लन्ड तुम्हारी चूत में डाला भी नही और तुम बार बार झड़ रही हो।”
मैं शर्मा के कहती,”क्या करूं बाबूजी आप इतनी मस्त उंगलियां चलाते है कि चूत मस्त हो जाती है और मेरे बस में नहीं रहती।”
वो उंगलियां मेरे चूत में बंदूक की गोली समान तेजी से अन्दर डालते और झटके से बाहर निकालते । तब मुझे जो मजा आता वो मैं बता नहीं सकती। मेरी चूत जब अच्छी तरह से गीली हो जाती तब वो अपना लन्ड मेरी चूत में डाल कर जमकर चुदाई करते है। “Suhagrat Girl Sex Kahani”
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दंड बैठक और व्यायाम के कारण उनका शरीर कसा हुआ है। आधा घंटा तो वो आराम से मुझे चोदते है। उस आधे घंटे में मुझे इतना मजा देते है कि मै बार बार झड़ जाती हूं। औसतन आदमी दस से बारह मिनिट में झड़ जाते हैं। लेकिन ससुर जी कभी कभी 45 मिनिट तक मेरी चूत की ठुकाई करते है तब कही जाकर मेरी चूत को अपने पानी से लबालब भर देते है।
जब से मैंने मेरे ससूर जी के तीन बेटों को जन्म दिया है तब से मेरी साख बढ़ गई है। मेरे तीनों बेटों के जन्म पत्री और आधार कार्ड मे मैने उनके पिता का अर्थात मेरे ससूर का नाम दर्ज किया है। मेरी दिली ख्वाहिश है वो मुझे यूं ही चोदते रहे और मैं अपनी चूत से उनके कम से कम ग्यारह बच्चे पैदा करूं।
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